: वन विभाग के 96 लाख के जल एवं मिट्टी संरक्षण कार्य में गड़बड़ी 3 महीने बाद भी कार्यवाही शून्य
Ten Singh Thakur
Fri, Mar 28, 2025
तेन सिंह ठाकुर
वन विभाग के 96 लाख के जल एवं मिट्टी संरक्षण कार्य में गड़बड़ी 3 महीने बाद भीकार्यवाही शून्य
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के वन परिक्षेत्र गंगालूर सामान्य के अंतर्गत टिकलेर नाला में 2020-21 में कैंपा मद से नरवा विकास योजना के तहत 96 ला ख रुपए की लागत से जल एवं मिट्टी संरक्षण कार्य स्वीकृत किया गया था लेकिन इस योजना में भारी गड़बड़ी के आरोप लगे हैं भाजपा नेताओं ने इस भ्रष्टाचार की शिकायत 3 महीने पहले की थी लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इस योजना के तहत टिकलेर नाला में जल एवं मिट्टी संरक्षण हेतु विभिन्न तकनीकी कार्य किए जाने थे ।लेकिन भाजपा नेता पूर्व सांसद प्रतिनिधि श्रीनिवास रेड्डी पुरुषोत्तम साह और अभिषेक ठाकुर ने 19 दिसंबर 2024 को वन मंडल अधिकारी को लिखित शिकायत दी थी की वन परिक्षेत्र अधिकारी गंगालूर ने स्वीकृत कार्य को जमीन पर नहीं कराया इसके बावजूद फर्जी बिल वाउचर बनाकर पूरी राशि हरण कर ली गई और मजदूरी भुगतान भी कागजों में ही कर दिया l
शिकायतकरताओं ने निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी लेकिन 3 महीना बीत जाने के बावजूद ना तो संबंधित रेंजर के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई हुई और ना ही विभाग ने जांच को आगे बढ़ाया इससे साफ होता है की विभाग भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रहा है।
जब इस मामले में बीजापुर डीएफओ रंगनाथन वाय से बात की गई तो उन्होंने कहा की मामले की जानकारी जुटा जा रही है अप्रैल में जांच टीम मामले की जांच करेगी लेकिन विभाग की निष्क्रियता पर सवाल उठना लाज़िम हैं आखिर इतनी बड़ी राशि के गबन पर जांच में इतनी देरी क्यों की जा रही है
कैंपा मद में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप
यह पहला मामला नहीं है जब कैंपा मद में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं हाल ही में छत्तीसगढ़ वन विभाग के पीसीसी एफ श्रीनिवास राव पर भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर ने वनरक्षक भर्ती घोटाले और केंपा मद में भ्रष्टाचार को लेकर केंद्र सरकार को शिकायत की थी उन्होंने इस मामले को सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाया जिसके बाद केंद्र सरकार ने वरिष्ठ अधिकारी मनोज कुमार पिंगुआ को पत्र लिखकर मामले की जांच के निर्देश दिए थे।
*विभाग की चुप्पी से बढ़ रही नाराजगी*
बीजापुर के टिकलेर नाल में हुए जल एवं मिट्टी संरक्षण कार्य मे भ्रष्टाचार को लेकर जनता और स्थानीय नेताओ मे वन विभाग की निष्क्रियता से नाराजगी हैं अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह मामला और बड़ा हो सकता है सवाल यह है कि क्या दोषियों पर कभी ठोस कार्रवाई नहीं होगी या मामला सिर्फ जांच के नाम पर लटकाया जाएगा।
प्रधान सम्पादक
तेन सिंह ठाकुर
6264046084
वन विभाग के 96 लाख के जल एवं मिट्टी संरक्षण कार्य में गड़बड़ी 3 महीने बाद भीकार्यवाही शून्य
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के वन परिक्षेत्र गंगालूर सामान्य के अंतर्गत टिकलेर नाला में 2020-21 में कैंपा मद से नरवा विकास योजना के तहत 96 ला ख रुपए की लागत से जल एवं मिट्टी संरक्षण कार्य स्वीकृत किया गया था लेकिन इस योजना में भारी गड़बड़ी के आरोप लगे हैं भाजपा नेताओं ने इस भ्रष्टाचार की शिकायत 3 महीने पहले की थी लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इस योजना के तहत टिकलेर नाला में जल एवं मिट्टी संरक्षण हेतु विभिन्न तकनीकी कार्य किए जाने थे ।लेकिन भाजपा नेता पूर्व सांसद प्रतिनिधि श्रीनिवास रेड्डी पुरुषोत्तम साह और अभिषेक ठाकुर ने 19 दिसंबर 2024 को वन मंडल अधिकारी को लिखित शिकायत दी थी की वन परिक्षेत्र अधिकारी गंगालूर ने स्वीकृत कार्य को जमीन पर नहीं कराया इसके बावजूद फर्जी बिल वाउचर बनाकर पूरी राशि हरण कर ली गई और मजदूरी भुगतान भी कागजों में ही कर दिया l
शिकायतकरताओं ने निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी लेकिन 3 महीना बीत जाने के बावजूद ना तो संबंधित रेंजर के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई हुई और ना ही विभाग ने जांच को आगे बढ़ाया इससे साफ होता है की विभाग भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रहा है।
जब इस मामले में बीजापुर डीएफओ रंगनाथन वाय से बात की गई तो उन्होंने कहा की मामले की जानकारी जुटा जा रही है अप्रैल में जांच टीम मामले की जांच करेगी लेकिन विभाग की निष्क्रियता पर सवाल उठना लाज़िम हैं आखिर इतनी बड़ी राशि के गबन पर जांच में इतनी देरी क्यों की जा रही है
कैंपा मद में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप
यह पहला मामला नहीं है जब कैंपा मद में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं हाल ही में छत्तीसगढ़ वन विभाग के पीसीसी एफ श्रीनिवास राव पर भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर ने वनरक्षक भर्ती घोटाले और केंपा मद में भ्रष्टाचार को लेकर केंद्र सरकार को शिकायत की थी उन्होंने इस मामले को सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाया जिसके बाद केंद्र सरकार ने वरिष्ठ अधिकारी मनोज कुमार पिंगुआ को पत्र लिखकर मामले की जांच के निर्देश दिए थे।
*विभाग की चुप्पी से बढ़ रही नाराजगी*
बीजापुर के टिकलेर नाल में हुए जल एवं मिट्टी संरक्षण कार्य मे भ्रष्टाचार को लेकर जनता और स्थानीय नेताओ मे वन विभाग की निष्क्रियता से नाराजगी हैं अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह मामला और बड़ा हो सकता है सवाल यह है कि क्या दोषियों पर कभी ठोस कार्रवाई नहीं होगी या मामला सिर्फ जांच के नाम पर लटकाया जाएगा।
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