Mon 26 Oct 2026

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सह संपादक अर्जुन देवांगन : जिला नारायणपुर से कोंडागांव जर्जर सडक और आम जनता को हो रही समस्या का जिम्मेदार कौन

.नारायणपुर

आखिरकार जिम्मेदार कौन?

50 किलोमीटर सड़क निर्माण में 2-3 साल बाद भी महज 50 प्रतिशत काम, छेरिबेड़ा की संकरी पुलिया पर आए दिन लग रहा जाम

नारायणपुर। नारायणपुर से कोंडागांव के बीच करीब 50 किलोमीटर सड़क निर्माण का कार्य पिछले 2 से 3 वर्षों से जारी है। बावजूद इसके अब तक सड़क निर्माण का लगभग 50 प्रतिशत ही कार्य पूरा हो सका है। धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्य के कारण राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

नारायणपुर-कोंडागांव मार्ग पर छेरिबेड़ा के पास संकरी पुलिया होने के कारण छोटेडोंगर स्थित आमदई खदान में आवागमन करने वाले सैकड़ों ट्रकों के फंसने से आए दिन जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। जाम के कारण आम लोगों के साथ-साथ ट्रक और टिप्पर चालकों को भी घंटों परेशान होना पड़ता है।

पुल निर्माण में देरी और डायवर्सन रोड को लेकर सवाल

स्थानीय लोगों और वाहन मालिकों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही लगातार जारी रहनी थी, यह बात निर्माण एजेंसी और संबंधित जिम्मेदारों को पहले से ही मालूम थी। इसके बावजूद समय पर पुल निर्माण पूरा नहीं होने तथा डायवर्सन रोड को पर्याप्त रूप से मजबूत नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

वाहन चालकों के अनुसार डायवर्सन रोड पर केवल मिट्टी डालकर काम चलाए जाने से बारिश और भारी वाहनों की आवाजाही के बीच सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है। इसका सीधा असर यातायात व्यवस्था और वाहनों के संचालन पर पड़ रहा है।

प्रशासन ने समय सीमा तय की, फिर भी समस्या बरकरार

सड़क निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए शासन-प्रशासन की ओर से समय-सीमा निर्धारित किए जाने की बात सामने आती रही है। वहीं आमदई खदान में चलने वाले ट्रकों को नारायणपुर के गड़बेंगाल चौक पर रोककर रखने की स्थिति भी कई बार देखने को मिलती है।

इस पूरी व्यवस्था का असर न केवल खदान से जुड़े परिवहन पर बल्कि स्थानीय व्यापार, आवागमन और आम जनता की दिनचर्या पर भी पड़ रहा है।

ट्रक और टिप्पर मालिकों की भी बढ़ रही परेशानी

ट्रक और टिप्पर मालिकों का कहना है कि वे भी चाहते हैं कि सड़क निर्माण का कार्य जल्द से जल्द पूरा हो, ताकि वाहनों को खराब सड़क के कारण होने वाले नुकसान और लगातार बढ़ते मेंटेनेंस खर्च से राहत मिल सके।

वाहन मालिकों के सामने दूसरी बड़ी चुनौती बैंक ऋण की किस्त और वाहनों के रखरखाव का खर्च है। यदि वाहन नियमित रूप से नहीं चलेंगे तो लोन की किस्त, ड्राइवर का खर्च और मेंटेनेंस का भार उठाना भी मुश्किल हो जाता है।

स्थानीय वाहन मालिकों का कहना है कि आमदई और रावघाट खदानों के संचालन के बाद भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ी है, लेकिन खराब सड़क के कारण वाहनों को अपेक्षित ट्रिप नहीं मिल पा रहे हैं। दूसरी ओर लगातार खराब सड़कों पर चलने से वाहनों का मेंटेनेंस खर्च भी बढ़ रहा है।

कुछ वाहन मालिकों के अनुसार आर्थिक दबाव के चलते उनकी संपत्तियां तक गिरवी रखने या बेचने की स्थिति बनी है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

स्थानीय परिवहन व्यवसाय पर भी असर

एक ओर स्थानीय यूनियन और समितियों से जुड़ी गाड़ियों की संख्या कम होने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर बाहर के ट्रांसपोर्टरों के वाहन आमदई खदान से लौह अयस्क लेकर लगातार आवागमन कर रहे हैं।

ऐसे में स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों का सवाल है कि खदानों से होने वाली आर्थिक गतिविधियों का लाभ स्थानीय वाहन मालिकों और जिले के लोगों को कितना मिल रहा है?

आम जनता पूछ रही है—खदानों से जिले को क्या मिला?

खनन गतिविधियों के बीच स्थानीय लोगों के सामने सड़क, धूल-धक्कड़, जाम और यातायात से जुड़ी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। ग्रामीणों और वाहन चालकों का आरोप है कि खराब सड़क एवं यातायात संबंधी समस्याओं के कारण आपातकालीन परिस्थितियों में भी परेशानी होती है।

स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि खनिज संपदा से जिले में विकास और रोजगार की उम्मीद है, तो उसके साथ बेहतर सड़क, सुचारू यातायात और मजबूत सार्वजनिक सुविधाएं भी सुनिश्चित क्यों नहीं हो पा रही हैं?

बड़ा सवाल—आखिरकार जिम्मेदार कौन?

नारायणपुर-कोंडागांव मार्ग पर लंबे समय से चल रहे सड़क निर्माण, छेरिबेड़ा की संकरी पुलिया, भारी वाहनों के जाम और डायवर्सन रोड की स्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या सड़क निर्माण की धीमी गति के लिए निर्माण एजेंसी जिम्मेदार है?

क्या यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की है?

भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के बीच वैकल्पिक मार्ग और पुल निर्माण की पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं की गई?

और सबसे बड़ा सवाल—खनन से होने वाली आर्थिक गतिविधियों के बीच स्थानीय जनता को बेहतर सड़क और सुरक्षित आवागमन कब मिलेगा?

सह संपादक

अर्जुन देवांगन

📞 9424287527

📧 arjundewanganpress@gmail.com

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