सह संपादक अर्जुन देवांगन : रावघाट खदान में 16 सूत्रीय मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई, कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी
Ten Singh Thakur
Mon, Oct 26, 2026
रावघाट खदान में 16 सूत्रीय मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई, कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी
23 अक्टूबर से आंदोलन पर डटे कर्मचारी, माइनिंग और ट्रांसपोर्ट पूरी तरह बंद करने की तैयारी; BSP और KCCL प्रबंधन के फैसले का इंतजार
नारायणपुर/रावघाट। रावघाट खदान परियोजना से जुड़े कर्मचारियों का 16 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन लगातार जारी है। कर्मचारी 23 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसी बीच, आगामी दिनों में माइनिंग और ट्रांसपोर्ट का काम पूरी तरह बंद करने की जानकारी भी सामने आई है।
BSP और KCCL प्रबंधन के अधिकारियों से वार्ता की मांग
हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि उनकी मांगें भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के उच्च अधिकारियों, कार्यपालक निदेशक (ED) और KCCL प्रबंधन से संबंधित हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक संबंधित उच्च अधिकारी और KCCL के डायरेक्टर धरना स्थल पर पहुंचकर उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेते, तब तक आंदोलन समाप्त करने पर विचार करना मुश्किल है। कर्मचारी अपनी मांगों के एकमुश्त समाधान की मांग कर रहे हैं।
वेतन पर्ची से लेकर विभिन्न भत्तों तक की मांग
कर्मचारियों की 16 सूत्रीय मांगों में वेतन पर्ची को कंपनी की वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध कराने, नियुक्ति पत्र जारी करने, भविष्य निधि (PF) की राशि तथा माइंस अलाउंस का ब्याज सहित भुगतान करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।
इसके अलावा जोखिम भत्ता, सुरक्षा भत्ता, पेट्रोल भत्ता, धूल भत्ता, कठिन कार्य भत्ता और अन्य देय भत्तों का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और अब वे ठोस कार्रवाई चाहते हैं।
माइनिंग और ट्रांसपोर्ट बंद होने की आशंका
आंदोलन के बीच माइनिंग और ट्रांसपोर्ट का काम पूरी तरह बंद करने की जानकारी सामने आई है। यदि यह स्थिति बनती है, तो खदान से जुड़े खनन एवं परिवहन कार्य प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, कामकाज पूरी तरह बंद होने की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाने का आरोप
कर्मचारियों ने रावघाट पुलिस और नारायणपुर पुलिस पर हड़ताल स्थगित कराने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का सवाल है कि जब उनकी मांगें BSP और KCCL प्रबंधन से संबंधित हैं, तो आंदोलन समाप्त कराने के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से दबाव क्यों बनाया जा रहा है?
हालांकि, इस संबंध में पुलिस और प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी 16 सूत्रीय मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अब सबकी निगाहें BSP और KCCL प्रबंधन पर टिकी हैं कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर प्रबंधन कब पहल करता है और इस विवाद का समाधान किस तरह निकलता है।
बड़ा सवाल यही है कि रावघाट खदान में जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त कराने के लिए BSP और KCCL प्रबंधन कब आगे आएगा और कर्मचारियों की मांगों पर कब ठोस फैसला लिया जाएगा?
सह संपादक
अर्जुन देवांगन
9424287527
CGFASTNEWS24MPCG
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