: बंदूक छोड़ी, उठाया औजार कौशल विकास योजना से बदली अन्नुलाल की जिंदगी समाज के मुख्य धारा मे जुड़ कर बदली तस्वीर
Ten Singh Thakur
Tue, Jul 8, 2025
तेन सिंह ठाकुर
बंदूक छोड़ी, उठाया औजार कौशल विकास योजना से बदली अन्नुलाल की जिंदगी समाज के मुख्य धारा मे जुड़ कर बदली तस्वीर
नारायणपुर, 08 जुलाई 2025// छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नक्सल क्षेत्रों में शांति स्थापित करने के उद्देश्य से माओवादी आत्मसमर्पण पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 लागू की है। इस नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पण करने वाले सक्रिय ईनामी माओवादी और उनके परिवारजनों को शिक्षा, रोजगार एवं वित्तीय सहायता जैसी कई महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रदान की जा रही है।
नारायणपुर जिले के अबूझमाड क्षेत्र सोनपुर निवासी अन्नुलाल भण्डारी पहले माओवादी गतिविधिया में सम्मिलित थे, जिनकी उर्म 40 वर्ष है, लेकिन जब उन्हें सरकार द्वारा नक्सल क्षेत्रों में शांति स्थापित करने के उद्देश्य से नक्सलवादी आत्मसमर्पण पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति की जानकारी मिली तब वे पुनर्वास नीति योजना का लाभ लिया। मुख्यमंत्री राहत एवं पुनर्वास नीति योजना के तहत् अब वे कौशल विकास के तहत् जिले में संचालित लाईव्लीहुड कॉलेज में प्लम्बर की ट्रेनिंग कर रहें हैं। अन्नुलाल भण्डारी बताते हैं कि 1998 में जब माओवादी जब अपने चरम पर था उस दौरान उनके दवाव के कारण मैंने नक्सल संगठन को ज्वाइन किया। वहां पर मेरा काम माओवादी संगठन का प्रसार-प्रसार करना एवं उनके रहने खाने तथा बैठने की व्यवस्था करना था। कुछ समय बाद मुझे कुछ समय बाद मुझे 25 दिवसीय गुरिलावार का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें मुझे बंदुक चलाना एवं बनाना, लडाई के समय बचना तथा फायरिंग करना सिखाया जाता था।
माओवादी संगठन से जुड़ने के बाद एक जंगल से दूसरे जंगल और एक गांव से दूसरे गाँव घूमना पड़ता था। 2017 में घर परिवार और शासन के नीतियों के तहत् मैंने पुनर्वास कर लिया। संगठन में 20 वर्षों से जुड़े होने के दौरान डर के साए में जीवन यापन होता था। 2017 में मैंने पुनर्वास कर लिया, तत्पश्चात् मैने अच्छे जीवन के उद्देश्य से अपनी पुश्तैनी जमीन पर कृषि कार्य करने लगा और मुख्यधारा में जुड़ गया, जिससे मेरे जीन्य में मूलभूत परिवर्तन होने लगा। अब मैं स्वतंत्रापूर्ण बाहरी दुनिया से जुडने लगा।
2025 में मुझे मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के विषय में पता चला। तब मैंने नारायणपुर मुख्यालय आकर जिला परियोजना लाईव्लीहुड कॉलेज में जल वितरक संचालक कोर्स में प्रशिक्षण प्राप्त करने लगा। प्रशिक्षण में विषय वस्तु के अलावा मुझे व्यवहारिक ज्ञान, खेलखुद, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं शासन की विभिन्न योजनाओं जैसे, आवास, आयुष्मान, किसान क्रेडिट कार्ड एवं अन्य योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हुआ। प्रशिक्षण के उपरांत मैं ग्राम पंचायत सोनपुर में जल वितरक के रूप में कार्य कर अपनी आर्थिक व सामाजिक स्थितियों को और बेहतर करूंगा। इस योजना के लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित करता हुं।
प्रधान सम्पादक
तेन सिंह ठाकुर
6264046084
बंदूक छोड़ी, उठाया औजार कौशल विकास योजना से बदली अन्नुलाल की जिंदगी समाज के मुख्य धारा मे जुड़ कर बदली तस्वीर
नारायणपुर, 08 जुलाई 2025// छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नक्सल क्षेत्रों में शांति स्थापित करने के उद्देश्य से माओवादी आत्मसमर्पण पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 लागू की है। इस नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पण करने वाले सक्रिय ईनामी माओवादी और उनके परिवारजनों को शिक्षा, रोजगार एवं वित्तीय सहायता जैसी कई महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रदान की जा रही है।
नारायणपुर जिले के अबूझमाड क्षेत्र सोनपुर निवासी अन्नुलाल भण्डारी पहले माओवादी गतिविधिया में सम्मिलित थे, जिनकी उर्म 40 वर्ष है, लेकिन जब उन्हें सरकार द्वारा नक्सल क्षेत्रों में शांति स्थापित करने के उद्देश्य से नक्सलवादी आत्मसमर्पण पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति की जानकारी मिली तब वे पुनर्वास नीति योजना का लाभ लिया। मुख्यमंत्री राहत एवं पुनर्वास नीति योजना के तहत् अब वे कौशल विकास के तहत् जिले में संचालित लाईव्लीहुड कॉलेज में प्लम्बर की ट्रेनिंग कर रहें हैं। अन्नुलाल भण्डारी बताते हैं कि 1998 में जब माओवादी जब अपने चरम पर था उस दौरान उनके दवाव के कारण मैंने नक्सल संगठन को ज्वाइन किया। वहां पर मेरा काम माओवादी संगठन का प्रसार-प्रसार करना एवं उनके रहने खाने तथा बैठने की व्यवस्था करना था। कुछ समय बाद मुझे कुछ समय बाद मुझे 25 दिवसीय गुरिलावार का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें मुझे बंदुक चलाना एवं बनाना, लडाई के समय बचना तथा फायरिंग करना सिखाया जाता था।
माओवादी संगठन से जुड़ने के बाद एक जंगल से दूसरे जंगल और एक गांव से दूसरे गाँव घूमना पड़ता था। 2017 में घर परिवार और शासन के नीतियों के तहत् मैंने पुनर्वास कर लिया। संगठन में 20 वर्षों से जुड़े होने के दौरान डर के साए में जीवन यापन होता था। 2017 में मैंने पुनर्वास कर लिया, तत्पश्चात् मैने अच्छे जीवन के उद्देश्य से अपनी पुश्तैनी जमीन पर कृषि कार्य करने लगा और मुख्यधारा में जुड़ गया, जिससे मेरे जीन्य में मूलभूत परिवर्तन होने लगा। अब मैं स्वतंत्रापूर्ण बाहरी दुनिया से जुडने लगा।
2025 में मुझे मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के विषय में पता चला। तब मैंने नारायणपुर मुख्यालय आकर जिला परियोजना लाईव्लीहुड कॉलेज में जल वितरक संचालक कोर्स में प्रशिक्षण प्राप्त करने लगा। प्रशिक्षण में विषय वस्तु के अलावा मुझे व्यवहारिक ज्ञान, खेलखुद, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं शासन की विभिन्न योजनाओं जैसे, आवास, आयुष्मान, किसान क्रेडिट कार्ड एवं अन्य योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हुआ। प्रशिक्षण के उपरांत मैं ग्राम पंचायत सोनपुर में जल वितरक के रूप में कार्य कर अपनी आर्थिक व सामाजिक स्थितियों को और बेहतर करूंगा। इस योजना के लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित करता हुं।
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