तेन सिंह ठाकुर : आजादी के 78 साल बाद भी शुद्ध पानी को तरसे कारकानार के ग्रामीण
Ten Singh Thakur
Thu, May 28, 2026
आजादी के 78 साल बाद भी शुद्ध पानी को तरसे कारकानार के ग्रामीण
नारायणपुर जिले के ओरछा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत कलमानार के आश्रित गांव कारकानार में आज भी ग्रामीण शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। करीब 50 घरों और 250 की आबादी वाला यह गांव दूषित नाला, झरिया और डबरी के पानी पर निर्भर है। ग्रामीणों को रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलकर पानी लाना पड़ता है, लेकिन इसके बावजूद गांव में अब तक स्थायी पेयजल व्यवस्था नहीं हो पाई है।
कारकानार के करंजीपारा और मेटापारा में जल जीवन मिशन की सुविधा आज तक नहीं पहुंच सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि तीन वर्ष पहले बोर खनन कराया गया था, लेकिन वह असफल रहा। इसके बाद प्रशासन की ओर से दोबारा कोई पहल नहीं की गई। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
गांव की महिलाएं और बच्चे रोजाना ऊबड़-खाबड़ जंगल रास्तों से दो से तीन किलोमीटर दूर डबरी और झरिया तक पहुंचते हैं। यही पानी पीने, खाना बनाने, नहाने और कपड़े धोने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। गांव के मवेशी भी इसी पानी से अपनी प्यास बुझाते हैं। दूषित पानी के इस्तेमाल से ग्रामीणों में बीमारी फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है।
एक ओर सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और हर घर जल पहुंचाने के दावे कर रही है, वहीं कारकानार की तस्वीर इन दावों की जमीनी हकीकत बयां कर रही है। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी समस्या पर जल्द संज्ञान लेकर शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराएगा।
प्रधान संपादक
तेन सिंह ठाकुर
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