अर्जुन देवांगन क़ि रिपोर्ट : जिला नारायणपुर में पहली ही बारिश में नालियों का पानी बह रहा रोड में
Ten Singh Thakur
Sat, Jun 27, 2026
जिला नारायणपुर में पहली ही बारिश में नालियों का पानी बह रहा रोड में
नारायणपुर का मेन रोड और सोनपुर रोड बना नदी नालो में तब्दील
जिला नारायणपुर में आज बहुत ही इंतजार के बाद बारिश हूई, बारिश होने से जिले वासियो को तप्ति गर्मी से राहत तो मिली है, और खेती किसानी करने वाले किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई,
*जिला नारायणपुर में माइंस कि खदानों का खुलना ही जिला नारायणपुर का अभिशाप बना, विकास के नाम से विनाश कि ओर*
जिला नारायणपुर में मानसून का लेट से आना कई सवालों को पैदा करते है, आखिरकार पिछले 3 से 4 सालो से जिला नारायणपुर में खदानों के खुलने से मानसून धीरे धीरे जिला नारायणपुर में समय पर नही आना सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। पुराने बुजुर्ग और जानकारों का कहना है कि जब से जिला नारायणपुर में रावघाट खदान और छोटेडोंगर में आमदई खदान खुला है तब से जिला नारायणपुर का वातावरण और मौसम ख़राब हो गया है, कोई मौसम ठंड हो या गर्मी या फिर बरसात अपने निश्चित समय से 1 महीने या 2 महीने के आगे चल रहे है। साल के 12 महीनों में तो 8 महीना गर्मी का मौसम रहने लगा है।
जिससे जिले वासियो का जीना हराम हो गया है। और इसका सबसे बड़ा कारण है, अंधाधुन जंगलो से पेड़ो कि कटाई करना,जल, जंगल, जमीन पहाड़ो को खनिज सम्पदा के नाम पर जंगलों और पहाड़ो को खुदाई करके समाप्त करना। इन्ही सभी कारणों से आज जिला नारायणपुर में हाहाकार मचा हुआ है,
पिछले कुछ वर्षो से अबूझमाड़ कहलाने वाला बस्तर नारायणपुर जिला अब अबूझमाड़ सिर्फ नाम का रह गया है, हजारों कि संख्या में माइंस में चलने वाले ट्रक और टिप्पर से जिले वासियो का विकास सिर्फ बोलने का है,यहाँ सिर्फ विकास के नाम पर विनाश ही विनाश नजर आ रहा है, कभी जिला नारायणपुर और बस्तर संभाग
कई दसको से नक्सली समस्या से जूझ रहा था, नक्सली समस्या तो समाप्त हो गई, लेकिन और दूसरी समस्या चालू हो गई है, आवागन के लिये रोड पिछले 4 सालो से जिले वासी परेशान है, न तो रोड है और न ही शांति जिले वासियो का जीना हराम सा हो गया है, यहाँ आम जनता को समझ ही नहीं आ रहा है, यहाँ विकास हो रहा है या विकास के नाम पर जल जंगल जमीन और पहाड़ो को ख़त्म करके विनाश कि ओर ले जा रहे है, जिसकी वजह से आने वाली पीढ़ियों को बर्बाद होने से कोई नहीं बचा सकता , खदानों के खुलने से सिर्फ और सिर्फ फायदा खदानों को लीज में लेने वाले बड़ी बड़ी कंपनी और ट्रांसपोर्टेरो को ही हो रहा है, आम जनता और मूलनिवासी सिर्फ मुकदर्शी ही बन बैठे है, चाह कर भी कुछ नही कर सकते, यही अंतिम सच्चाई हैं।
बस्तर संभाग हेड
अर्जुन देवांगन
9424287527
Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन