Tue 28 Jul 2026

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धुरबेड़ा की गर्भवती सुधा मंडावी का सफल रेस्क्यू : आईटीबीपी 53 वींवहीनी का मानवीय पहल, दुर्गम जंगलों से गर्भवती महिला के सफल रेस्क्यू कर सुरक्षित अस्पताल पहुंचायया

आईटीबीपी 53 वी वहीनी का मानवीय पहल, दुर्गम जंगलों से गर्भवती महिला के सफल रेस्क्यू कर सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया।

53 वीं वाहिनी ITBP के सेनानी संजय कुमार के मार्ग दर्शन में मानवता एवं जनसेवा का उत्कृष्ट परिचय देते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस के सहयोग से सुरक्षित रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचा कर मानवीय संवेदना का परिचय दिया।

धुरबेड़ा के ग्रामीण ने दोपहर 4 बजे फोन पर संपर्क कर CG Fast News के संपादक को सूचना मिली,तो हमारी टीम तुरंत हरकत में आते हुए हमने ITBP 53 वीं वाहिनी के अधिकारियों से संपर्क किया कि 22 वर्षीय,धुरबेड़ा निवासी, सुधा मांडवी पति लालसू मांडवी की 7 माह की गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा होने लगी है। सूचना मिलते ही ITBP 53वीं वाहिनी और जिला पुलिस के जवान भारी बारिश के बीच उफनते नालों, घने जंगलों बीच कीचड़ युक्त दुर्गम रास्ते से से रेस्क्यू कर सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया। बता दें कि अबूझमाड़ यह इलाका घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र है दशकों तक धुरबेड़ा माओवादियों का अघोषित राजधानी हुआ करता था। जहां सरकार और इंसानों की पहुंच नहीं के बराबर थी। सरकार और प्रशासन की इच्छा शक्ति और जवानों की अदम्य साहस से यह इलाका अब नक्सलमुक्त हो गया है।

सूचना मिलते ही 53वीं ITBP के सी.ओ.बी. आदिंगपार और कोडेनार की 02 अलग अलग टीम बना कर राहत एवं बचाव कार्य के लिए रवाना हुई। लगातार बारिश, दुर्गम पहाड़ी और घने जंगलों के बीच उफनते नालों और कीचड़ व फिसलन भरे रास्ते से धुर बेड़ा पहुंच कर सुधा मांडवी को रेस्क्यू कर बहुत ही सावधानी पूर्वक स्टेक्चर की सहायता से कुतुल के ITBP के फील्ड अस्पताल लाया गया प्रारंभिक स्वास्थ जांच के बाद स्थानीय अस्पताल में में भर्ती कराया गया।

53वीं वाहिनी आईटीबीपी का यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि देश आंतरिक सुरक्षा के प्रहरी साथ साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों की संकट समय जीवन की रक्षा के लिए हर संभव मदद करना रहा है।

स्थानीय नागरिकों ने सेनानी संजय कुमार की त्वरित कार्यवाही और मानवीय सहायता की तरपरता से की गई कार्यों की भूरि भूरि प्रशंसा की। सफल रेस्क्यू अभियान से सामुदायिक पुलिसिंग, ग्रामीणों के बीच विश्वास बहाली जनता और पुलिस के बीच सहयोग और सामंजस्य से लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है।

प्रधान संपादक

तेन सिंह ठाकुर

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