Fri 31 Jul 2026

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अर्जुन देवांगन क़ि रिपोर्ट : पीएम ग्रामीण सड़क योजना में घटिया निर्माण का आरोप, एक महीने में उखड़ने लगी सड़क

पीएम ग्रामीण सड़क योजना में घटिया निर्माण का आरोप, एक महीने में उखड़ने लगी सड़क

कोंडागांव जिले के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम कुदुर से तुमडीवाल मार्ग पर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित डामरीकरण सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने इस निर्माण कार्य में भारी लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।

ग्रामीणों बताया की करीब एक महीने पहले बनी यह सड़क अब जगह-जगह से उखड़ने लगी है हालत यह है कि सड़क का डामर हाथ और पैर से मसलने पर ही उधड़ रहा है स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान मानकों का पालन नहीं किया गया आरोप है कि डामर बिछाने से पहले नीचे गिट्टी (मेटल) नहीं डाली गई, बल्कि सीधे मिट्टी के ऊपर ही डामर डाल दिया गया, जिससे सड़क बेहद कमजोर हो गई वही ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही काफी कम है, इसके बावजूद सड़क का इतनी जल्दी खराब होना निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने ठेकेदार पर घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगाया है इसके साथ ही ग्रामीणों ने इंजीनियर और ठेकेदार के बीच मिलीभगत का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र का हवाला देकर निगरानी में ढील दी गई, जिसका फायदा उठाकर निम्न स्तर का निर्माण किया गया हैँ

गुणवत्ता नियंत्रण टीम की जांच भी संदेह के दायरे में

वहीं विभाग के अधिकारियों का दावा है कि निर्माण कार्य में सभी तकनीकी मानकों का पूर्ण पालन किया गया है, जिसमें सड़क की उपयुक्त परतों (Sub-base एवं Base Course) में मानक अनुसार गिट्टी का उपयोग तथा लगभग 20 मिमी मोटाई का डामरीकरण किया गया है साथ ही निर्माण स्थल पर आवश्यक सूविभागीय अधिकारियों एवं गुणवत्ता नियंत्रण टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में भी कार्य गुणवत्तापूर्ण बताया जा रहा हैँ बड़ी बात यह हैँ की गुणवत्ता नियंत्रण टीम के द्वारा की जा रही जांच में सड़क के कोर किनारा पर बाकायदा सही मापदंड मे सड़क नजर आ रहा है वही कुछ दूरी पर सड़क के अन्य किनारो पर मिट्टी पर ही डामरीकरण नजर आ रहा है जो कि अब उखड़ने लगा है आखिर यह कैसे हो सकता है कि एक कोर पर बाकायदा जांच टीम को मानक अनुरूप डामर और गिट्टी की मात्रा सही मिलती है तो वही दूसरे जगह पर उनकी नजर नहीं पड़ती कहीं ऐसा तो नहीं की कुछ चिन्हाँकित स्थलों पर ही सही मापदंड अपना कर उक्त स्थलों पर ही इन गुणवत्ता नियंत्रण हेतु पहुंचे अधिकारियों से जांच करवाया जाता है यह भी एक जांच का विषय है व मामले पर अन्य विभाग के तकनीकी विशेषज्ञ से जांच की आवश्यकता है ताकि ग्रामीणों को भ्रष्टाचार रहित सुगम सड़क उपलब्ध हो सके

वर्जन —

इस कार्य का विभागीय अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किया गया तथा OMMAS प्रणाली के माध्यम से सतत मॉनिटरिंग भी की गई वही 19 मार्च 2026 को राज्य गुणवत्ता समीक्षक सुनील प्रभाकर द्वारा स्थल निरीक्षण किया गया व तकनीकी मानकों का पूर्ण पालन किया गया है, जिसमें सड़क की उपयुक्त परतों (Sub-base एवं Base Course) में मानक अनुसार गिट्टी का उपयोग तथा लगभग 20 मिमी मोटाई का डामरीकरण किया गया है...

बलराम ठाकुर कार्यपालन अभियंता

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना कोंडागांव

बस्तर संभाग हेड

अर्जुन देवांगन

9424287527

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