Wed 28 Oct 2026

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सह संपादक अर्जुन देवांगन : अबूझमाड़ के विकास की जमीनी हकीकत देखने पहुंचे जिला पंचायत सदस्य गुडू उसेंडी, अधूरे अस्पताल भवन पर उठाए सवाल

.अबूझमाड़ के विकास की जमीनी हकीकत देखने पहुंचे जिला पंचायत सदस्य गुडू उसेंडी, अधूरे अस्पताल भवन पर उठाए सवाल

नियत नेलनार क्षेत्र में सड़क-पुलिया, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का किया निरीक्षण; बोले—कागजों में नहीं, धरातल पर दिखना चाहिए विकास

नारायणपुर/ओरछा। अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति जानने और ग्रामीणों की समस्याओं को सामने लाने के उद्देश्य से जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक 11 के गुडू उसेंडी ने जमीनी निरीक्षण अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी में वे ग्राम पंचायत पोचावाड़ा, विकासखंड ओरछा पहुंचे। यहां उन्होंने सरपंच, सचिव एवं एसडीओ जितेंद्र साहू के साथ क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं और निर्माण कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधूरे अस्पताल भवन सहित सड़क-पुलिया, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं सामने आईं।

पोचावाड़ा में अधूरा अस्पताल भवन, स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल

निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत पोचावाड़ा में अस्पताल का भवन अधूरा पाया गया। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र में स्थित गांवों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में अस्पताल भवन का निर्माण पूरा नहीं होने से ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अस्पताल भवन का निर्माण कब पूरा होगा और ग्रामीणों को इसका लाभ कब मिलेगा, यह महत्वपूर्ण सवाल है। संबंधित विभाग को निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर इसे शीघ्र पूरा कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए, ताकि क्षेत्र के लोगों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

सड़क-पुलिया की कमी से आवागमन प्रभावित, बच्चों की पढ़ाई भी चुनौतीपूर्ण

नियत नेलनार क्षेत्र के गांवों में सड़क और पुल-पुलिया की कमी ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। आवागमन के पर्याप्त साधन नहीं होने से ग्रामीणों को राशन, दैनिक जरूरतों और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

इसका असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ता है। शिक्षकों को विद्यालय पहुंचने और बच्चों को नियमित रूप से स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। विशेषकर बारिश के मौसम में नदी-नालों के कारण आवागमन और अधिक कठिन हो जाता है। इससे बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी प्रभावित होने की आशंका रहती है।

स्कूल, आंगनबाड़ी, आश्रम और स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति सुधारने की जरूरत

जिला पंचायत सदस्य गुडू उसेंडी ने क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ और नियत नेलनार क्षेत्र के ग्रामीणों को भी बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, सड़क और सुरक्षित आवागमन जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए।

क्षेत्र के स्कूलों, आंगनबाड़ियों, आश्रमों और स्वास्थ्य केंद्रों के लिए आवश्यक भवनों का निर्माण तथा अधूरे निर्माण कार्यों को पूरा करना जरूरी है। विकास कार्यों का वास्तविक मूल्यांकन गांवों में पहुंचकर किया जाना चाहिए, ताकि समस्याओं की पहचान कर उनका प्रभावी समाधान किया जा सके।

शासन-प्रशासन से मांगा जाएगा जवाब, जरूरत पड़ी तो केंद्र सरकार तक पहुंचेगी आवाज

गुडू उसेंडी ने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। यदि निर्माण कार्यों में लगातार देरी होती है और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तो शासन-प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की जाएगी। जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार को भी पत्र लिखकर अबूझमाड़ और नियत नेलनार क्षेत्र की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। पोचावाड़ा में अधूरे अस्पताल भवन सहित क्षेत्र की अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित विभागों को गंभीरता से पहल करनी चाहिए।

ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए जारी रहेगा निरीक्षण अभियान

जिला पंचायत सदस्य गुडू उसेंडी ने स्पष्ट किया कि दूरस्थ गांवों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। ग्रामीणों की आवाज को संबंधित विभागों और शासन तक पहुंचाकर विकास कार्यों में तेजी लाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि अबूझमाड़ के गांवों में रहने वाले लोगों को बेहतर शिक्षा, सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं, पक्की सड़कें और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिले। इसके लिए क्षेत्र का निरीक्षण कर समस्याओं को सामने लाने और उनके निराकरण के लिए लगातार पहल की जाएगी।

अबूझमाड़ के विकास की असली परीक्षा गांवों में उपलब्ध सुविधाओं से होगी। पोचावाड़ा का अधूरा अस्पताल भवन और सड़क-पुलिया की समस्याएं यह सवाल उठाती हैं कि क्षेत्र के ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ कब तक मिल पाएगा। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इन समस्याओं के समाधान के लिए कितनी जल्दी ठोस कदम उठाते हैं।

सह संपादक

अर्जुन देवांगन

9424287527

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