सरकार की पुनर्वास व आत्म समर्पण नीति से प्रभावित : 35 लाख के 6 माओवादी ने किया आत्मसमर्पण, जिसमें चार पीसीसीएम तथा 2 पीएम कैडर के माओवादी शामिल है
Ten Singh Thakur
Tue, Oct 13, 2026
उड़ीसा राज्य में सक्रिय 04 माओवादी कैडरो सहित पश्चिम बस्तर डिवीजन के संगठन छोड़कर फरार 02 माओवादी ने हिंसा का रास्ता छोड़ बीजापुर पुलिस के समक्ष किया आत्मसमर्पण ।
आत्मसमर्पण करने वाले 06 माओवादी कैडरों में 04 PPCM एवं 02 PM रैंक के माओवादी शामिल ।आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडरो पर कुल रूपये 35 लाख का ईनाम घोषित था ।
छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित
सुरक्षा बलों द्वारा लगातार संचालित नक्सल विरोधी अभियानों तथा पुनर्वास एवं कौशल विकास कार्यक्रमों से प्रभावित होकर, उड़ीसा राज्य में सक्रिय 04 माओवादी कैडरों सहित पश्चिम बस्तर डिवीजन के संगठन छोड़कर फरार 02 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। बीजापुर जिले में संचालित पुनर्वास एवं कौशल विकास कार्यक्रमों के संबंध में प्रकाशित समाचारों तथा सुरक्षा बलों द्वारा लगातार किए जा रहे संपर्क एवं आपसी समन्वय के सकारात्मक परिणामस्वरूप इन माओवादी कैडरों ने डीआरजी बीजापुर एवं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के सहयोग से बीजापुर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। यह आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों के सतत प्रयासों, प्रभावी समन्वय तथा शासन की पुनर्वास नीति के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। सुरक्षा बलों के बढ़ते प्रभाव, संगठन के विघटन की स्थिति, संगठन की हिंसक एवं जनविरोधी विचारधारा से मोहभंग, पूर्व माओवादी कैडरों के सफल पुनर्वास तथा आदिवासी क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास कार्यों से प्रभावित होकर उन्होंने हिंसा का मार्ग त्यागकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय। आत्मसमर्पण करने वाले सभी कैडरों को छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के अंतर्गत नियमानुसार आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा, स्वरोजगार एवं रोजगार से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे सम्मानपूर्वक समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नया जीवन प्रारंभ कर सकें। सुरक्षा बलों की सक्रियता और टीमवर्क: इस आत्मसमर्पण की सफलता में डीआरजी बीजापुर, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल 170वी बटालियन (CRPF) तथा बीजापुर पुलिस के बीच बेहतर समन्वय, विश्वास निर्माण एवं संवेदनशील कार्यशैली की महत्वपूर्ण भूमिका रही । सुरक्षा बलों के सतत प्रयासों एवं पुनर्वास की सकारात्मक पहल से प्रभावित होकर इन माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागने का निर्णय लिया। शासन की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों को नियमानुसार आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अतिरिक्त उन्हें समाज में सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि वे स्थायी रूप
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