Fri 11 Sep 2026

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खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं ग्रामीण, रोजगार, विकास फ़ाइलों में। : छोटेडोंगर आमदई माइंस में सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों का विरोध निको जायसवाल कम्पनी कि मनमानी नहीं चलेगी

छोटेडोंगर आमदई माइंस में सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों का विरोध निको जायसवाल कम्पनी कि मनमानी नहीं चलेगी

चार पंचायतों के ग्रामीणों ने जताई नाराजगी, विकास और स्थानीय रोजगार की मांग*

निको जायसवाल कम्पनी पिछले 4 से 5 साल होने को आया है अभी तक प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों के लिये विकास का कोई भी काम जमीनी स्तर पर अभी तक नहीं कर पाई है, न ही कोई भी स्वास्थ्य सुविधा के लिये कोई भी हॉस्पिटल बनवाया है, जिससे प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सके और न ही कोई स्कूल खुलवाए है जिससे कि स्थानीय बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके और न वनों के अन्धाधुंध कटाई के अनुपात में वृक्षा रोपण ही किया ना ही परमानेंट रोजगार मिला जिससे कि प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों का विकास हो सके, और न ही अच्छी सड़क का निर्माण जिससे आवाजही में आम जनता को असुविधा न हो, खदान खुलने से जब तक सीसी रोड का निर्माण नहीं होता तो खदान को खोलना और कच्ची सडक का निर्माण करना व्यर्थ है।

पिछले 4 से 5 सालो से निको जायसवाल कम्पनी के प्रबंधक "एच एन झा" सिर्फ आश्वासन वीर साबित हुए, प्रबंधक झा पिछले 20 से 25 सालो से इस क्षेत्र में आमदई खदान को खुलवाने में बहुत मेहनत किये है मगर जमीनी स्तर प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को सिर्फ लेवर और गार्ड के नौकरी के अलावा कुछ नहीं दे पाये। प्रबंधक झा प्रलोभन तो ग्रामीणों को बड़े बड़े देते है, और अकेले ही सैकड़ो कि भीड़ को समझाने और कम्पनी कि बातो को मनवाने में अकेले ही काफ़ी है, इसलिए जायसवाल कम्पनी भी झा सर के ऊपर पूर्ण समर्पित है। झा सर के कहने पर ही प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों ने ट्रांसपोर्ट लाईन से जुड़ने के लिये सैकड़ो कि संख्या में माइंस में चलने के लिये ट्रक लिया, ट्रक तो ले लिये लेकिन आज क्या स्तिथि है ग्रामीणों का जो जमा पूंजी भी थी वों भी खतम हो गये, किस्त नहीं पटाने से गाड़ी भी खींच गई, और जीना खाना सब हराम सा हो गया आखिरकार इसका जिम्मेदार कौन है।

नारायणपुर। जिले के छोटेडोंगर क्षेत्र स्थित आमदई आयरन माइंस में सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों और माइंस प्रबंधन के बीच विवाद सामने आया है। राजपुर, रायनार, धनोरा और चमेली पंचायतों से जुड़े ग्रामीणों ने सड़क निर्माण को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए स्थानीय हितों को प्राथमिकता देने की मांग उठाई।

ग्रामीणों का कहना है कि जंगल क्षेत्र में सड़क निर्माण से पहले उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई। उनका सवाल है कि सड़क किस उद्देश्य और किस योजना के तहत बनाई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं माइंस प्रबंधन से निर्माण कार्य की स्थिति और अनुमति से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।

प्रबंधन ने नक्शा दिखाकर बताई निर्माण की स्थिति

बैठक के दौरान छोटेडोंगर आमदई माइंस में सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों का विरोध निको जायसवाल कम्पनी कि मनमानी नहीं चलेगी

प्रबंधन की ओर से ग्रामीणों को नक्शा दिखाकर सड़क निर्माण की स्थिति समझाई गई। प्रबंधन के अनुसार यह सड़क आमदई आयरन माइंस के लीज क्षेत्र में ड्रिल मशीन सहित अन्य गतिविधियों के लिए बनाई जा रही है। प्रबंधन ने आवश्यक अनुमति लिए जाने की बात भी कही।

खदान के खुलने से वनों की संरक्षण एवं सुरक्षा को गंभीर खतरा

जहां एक ओर विकास की बातें कही जा रही है वहीं माइंस क्षेत्र में वनों की अंधाधुंध कटाई से पर्यावरण, और वनों की संरक्षण को गंभीर क्षति पहुंची है, ग्रामीणों द्वारा इसकी शिकायत स्थानीय विधायक और वन मंत्री केदार कश्यप से भी की जा चुकी है पर मामला जस की तस बनी हुई है। वृक्षा रोपण के नाम पर खाना पूर्ति की गई, जिस अनुपात में वृक्षों को काटा जा रहा है आने वाले दिनों में क्षेत्र की जनता को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।

ग्रामीणों ने विकास के साथ रोजगार की मांग

ग्रामीणों और स्थानीय युवाओं ने सड़क के साथ-साथ क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए। युवाओं ने मांग की कि क्षेत्र में खनन गतिविधियां संचालित होने के कारण स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। जबकि निक्को प्रबंधन क्षेत्र के लोगों को प्रयाप्त रोजगार देने में नाकाम रही।

माइंस प्रबंधन की ओर से बैठक में 500 से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार दिए जाने का दावा किया गया और आगे भी खनन गतिविधियों के विस्तार के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की बात कही गई।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे क्षेत्र के विकास के विरोध में नहीं हैं, लेकिन विकास कार्यों में स्थानीय ग्रामीणों की सहमति, पारदर्शिता, मूलभूत सुविधाओं और रोजगार को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

आमदई माइंस क्षेत्र में सड़क निर्माण को लेकर हुई यह बैठक अब स्थानीय विकास और ग्रामीण हितों के बीच संतुलन को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

प्रधान संपादक

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