Fri 31 Jul 2026

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अर्जुन देवांगन क़ि रिपोर्ट : नारायणपुर रावघाट खदान परियोजना को लेकर एक बार फिर स्थानीय ग्रामीणों और प्रभावित लोगों का आक्रोश सामने आया है

नारायणपुर रावघाट खदान परियोजना को लेकर एक बार फिर स्थानीय ग्रामीणों और प्रभावित लोगों का आक्रोश सामने आया है*

जिला नारायणपुर के राजाराव बुढ़ादेव गोदग्राम श्रमिक विकास समिति ने भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन के साथ बैठक कर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि खदान शुरू करने से पहले क्षेत्र के विकास, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं को लेकर किए गए कई महत्वपूर्ण वादे आज तक पूरे नहीं किए गए हैं। प्रभावित गांवों के लिए कई बड़े आश्वासन दिए गए थे, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर अपेक्षित कार्य दिखाई नहीं दे रहे हैं। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों में असंतोष और आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। समिति के सदस्यों ने मांगपत्र के माध्यम से कहा है कि प्रभावित क्षेत्र में डीएवी स्कूल और अस्पताल भवन निर्माण का आश्वासन लगभग तीन वर्ष पूर्व दिया गया था, लेकिन आज तक इन महत्वपूर्ण सुविधाओं के निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इसके कारण ग्रामीणों को शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।समिति ने यह भी आरोप लगाया है कि स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के मामले में भी वादाखिलाफी की गई है। खदान शुरू होने से पहले करीब 700 श्रमिकों की भर्ती का आश्वासन दिया गया था, लेकिन वास्तविकता में बहुत कम संख्या में ही स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल पाया है, जिससे युवाओं में निराशा और असंतोष बढ़ रहा है। परिवहन कार्य को लेकर भी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई गई है। समिति का आरोप है कि रावघाट परियोजना में परिवहन कार्य से जुड़े सैकड़ों हाईवा वाहनों के भाड़ा दर को कम कर नया टेंडर जारी किया गया है, जिससे स्थानीय वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि यह निर्णय स्थानीय वाहन मालिकों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों के हितों के खिलाफ है और इसे लेकर क्षेत्र में व्यापक नाराजगी है।इसके अलावा आवेदन में बीपीएल एवं पात्रता राशि, परिवहन कार्य में स्थानीय लोगों की भागीदारी तथा तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण की व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को भी उठाया गया है। समिति का कहना है कि इन विषयों पर पूर्व में सहमति बनने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

बैठक में शामिल कोर कमिटी के सदस्यों निर्मल कुमार नाग,गुलाबचंद बघेल,बुढ़ादेव समिति से परिवहन अध्यक्ष सुरेश कुमार नुरेटी,समिति अध्यक्ष बंसीलाल दुग्गा,राकेश कावड़े,सचिव नरेंद्र ध्रुव,शांतु दुग्गा (समिति अध्यक्ष) और अन्य सदस्यों के साथ बैठक के दौरान सारी बातें सार्थक तरीके से हुईं, लेकिन बीएसपी रावघाट प्रबंधन के रवैये से नाराज होकर स्थानीय समिति के सदस्यों ने बैठक बीच में ही स्थगित कर दी और चले गए।समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रभावित क्षेत्र के लोगों की मांगों एवं वादों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया, तो क्षेत्र के ग्रामीण और प्रभावित लोग बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।

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