अर्जुन देवांगन क़ि रिपोर्ट : नारायणपुर: रावघाट खदान में परिवहन दर बढ़ाने की मांग, अनिश्चितकालीन चक्काजाम और खदान बंदी की चेतावनी
Ten Singh Thakur
Fri, Oct 16, 2026
.नारायणपुर: रावघाट खदान में परिवहन दर बढ़ाने की मांग, अनिश्चितकालीन चक्काजाम और खदान बंदी की चेतावनी
₹707 से बढ़ाकर ₹910 प्रति टन करने की मांग, 17 अक्टूबर तक टेंडर प्रक्रिया में निर्णय नहीं होने पर आंदोलन की तैयारी; वाहन मालिकों ने गाड़ियां फाइनेंस कंपनियों को सरेंडर करने की दी चेतावनी
नारायणपुर/खोड़गांव, 16 अक्टूबर 2026। रावघाट खदान से लौह अयस्क परिवहन की दर में वृद्धि नहीं होने से स्थानीय वाहन मालिकों, श्रमिकों और बेरोजगार युवाओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। वर्तमान में जारी नई टेंडर प्रक्रिया में परिवहन दर नहीं बढ़ाए जाने के विरोध में बूढ़ादेव अंजरेल माइंस श्रमिक विकास समिति एवं उससे संबद्ध यूनियनों ने आंदोलन का ऐलान किया है। समिति ने मांग पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम और खदान बंदी की चेतावनी दी है।
समिति की ओर से 13 अक्टूबर 2026 को खोड़गांव के मिनी स्टेडियम में संयुक्त आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से परिवहन दर बढ़ाने की मांग को लेकर आगे की रणनीति तय की गई। इसके बाद कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, नारायणपुर तथा महाप्रबंधक (रावघाट परियोजना) को ज्ञापन सौंपकर मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की गई।
₹707 प्रति टन की दर को बताया अपर्याप्त
समिति के अनुसार, वर्तमान में नारायणपुर से अंतागढ़ रेलवे रैक पॉइंट तक लौह अयस्क परिवहन के लिए ₹707 प्रति टन की दर निर्धारित है। समिति का कहना है कि रावघाट क्षेत्र की जर्जर सड़कों के कारण परिवहन वाहनों में लगातार टूट-फूट हो रही है। वहीं डीजल, टायर और स्पेयर पार्ट्स की बढ़ती कीमतों ने वाहन मालिकों की आर्थिक स्थिति को और मुश्किल बना दिया है।
समिति का दावा है कि मौजूदा दर पर परिवहन करना घाटे का सौदा साबित हो रहा है। कई वाहन मालिकों के सामने बैंक ऋण की मासिक किस्त (ईएमआई) चुकाने का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में स्थानीय वाहन मालिकों और श्रमिकों की आजीविका बचाने के लिए परिवहन दर में वृद्धि जरूरी है।
₹910 प्रति टन दर स्वीकृत करने की मांग
बूढ़ादेव अंजरेल माइंस श्रमिक विकास समिति ने नई निविदा प्रक्रिया में परिवहन दर बढ़ाकर ₹910 प्रति टन करने की मांग की है। समिति के अनुसार, वर्तमान टेंडर प्रक्रिया की निर्धारित समय-सीमा 17 अक्टूबर 2026 तक है। ऐसे में समिति ने मांग की है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर दर वृद्धि पर निर्णय लिया जाए, ताकि स्थानीय वाहन मालिकों, श्रमिकों और बेरोजगार युवाओं को राहत मिल सके।
मांग पूरी नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन आंदोलन
समिति ने चेतावनी दी है कि यदि परिवहन दर में वृद्धि नहीं की गई, तो रावघाट खदान क्षेत्र में परिवहन कार्य बंद कर अनिश्चितकालीन चक्काजाम और आंदोलन किया जाएगा। समिति ने यह भी कहा है कि आंदोलन के दौरान बाहरी वाहनों और अन्य ठेकेदारों के वाहनों के प्रवेश का विरोध किया जाएगा।
आर्थिक नुकसान से परेशान वाहन मालिकों ने मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में अपने वाहन फाइनेंस कंपनियों को सरेंडर करने की चेतावनी भी दी है। समिति का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में स्थानीय वाहन मालिकों के लिए वाहनों का संचालन जारी रखना कठिन होता जा रहा है।
उत्पादन प्रभावित होने पर प्रबंधन और प्रशासन जिम्मेदार: समिति
समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि परिवहन दर बढ़ाने की मांग पर ध्यान नहीं दिया गया और इसके चलते औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं, कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है या भिलाई इस्पात संयंत्र का उत्पादन बाधित होता है, तो इसकी जिम्मेदारी बीएसपी प्रबंधन और जिला प्रशासन की होगी।
समिति के संतु राम उसेंडी ने कहा कि स्थानीय वाहन मालिकों, श्रमिकों और बेरोजगार युवाओं के आर्थिक हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने परिवहन दर में वृद्धि की मांग पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।
बूढ़ादेव अंजरेल माइंस श्रमिक विकास समिति, जिला नारायणपुर (छत्तीसगढ़) ने प्रबंधन और प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की है। अब सभी की नजरें 17 अक्टूबर को निर्धारित टेंडर समय-सीमा और परिवहन दर में संभावित बदलाव पर टिकी हैं।
सह संपादक
अर्जुन देवांगन
9424287527
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