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सह संपादक अर्जुन देवांगन : नारायणपुर: पिछड़ा वर्ग समाज ने 27% आरक्षण सहित तीन प्रमुख मांगों को लेकर विधायक को सौंपा ज्ञापन

नारायणपुर: पिछड़ा वर्ग समाज ने 27% आरक्षण सहित तीन प्रमुख मांगों को लेकर विधायक को सौंपा ज्ञापन

जनगणना में अलग से जातिगत गणना कराने और आदिवासी समाज के समान मूल निवासियों को संवैधानिक अधिकार देने की उठाई मांग

नारायणपुर, 17 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सर्व पिछड़ा वर्ग समाज ने समाज के संवैधानिक अधिकारों, आरक्षण और जनगणना में अलग से जातिगत गणना कराने सहित विभिन्न मांगों को लेकर मंत्री केदार कश्यप को ज्ञापन सौंपा। समाज के प्रतिनिधियों ने पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या के अनुपात में अधिकार और सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

समाज की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ में पिछड़ा वर्ग की आबादी लगभग 52 प्रतिशत से अधिक होने के बावजूद समाज को अपेक्षित प्रतिनिधित्व और अधिकार नहीं मिल पा रहे हैं। इसके चलते राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की भागीदारी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग

ज्ञापन में प्रमुख रूप से केंद्र और अन्य राज्यों की भांति छत्तीसगढ़ में भी पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई। समाज का कहना है कि आरक्षण के माध्यम से शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में पिछड़ा वर्ग को उचित अवसर मिलना चाहिए।

जनगणना में अलग से जातिगत गणना की मांग

समाज ने राष्ट्रीय जनगणना में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की तरह पिछड़ा वर्ग के लिए भी अलग से जातिगत जनगणना कराने की मांग की। प्रतिनिधियों के अनुसार, जातिगत आंकड़े उपलब्ध होने से समाज की वास्तविक जनसंख्या और उसकी आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी।

संवैधानिक एवं सामाजिक अधिकारों पर जोर

ज्ञापन में बस्तर संभाग सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निवासरत उन मूलनिवासी समुदायों के अधिकारों का भी मुद्दा उठाया गया, जिनकी संस्कृति, परंपराएं, रीति-रिवाज और जीवनशैली आदिवासी समाज से काफी हद तक मिलती-जुलती हैं। समाज ने ऐसे समुदायों के अधिकारों और सुविधाओं पर गंभीरता से विचार करने तथा उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने का आग्रह किया।

शासन से ठोस पहल की अपेक्षा

सर्व पिछड़ा वर्ग समाज ने मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि पिछड़ा वर्ग के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास के लिए जनसंख्या के अनुरूप प्रतिनिधित्व तथा संवैधानिक अधिकारों को सुनिश्चित करना आवश्यक है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान समाज के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अब समाज की इन मांगों पर शासन और संबंधित स्तर पर क्या पहल होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

सह संपादक

अर्जुन देवांगन

9424287527

CGFastNews24

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