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सह संपादक अर्जुन देवांगन : स्थानीय बांस एवं तुम्बा शिल्प को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में पहल

स्थानीय बांस एवं तुम्बा शिल्प को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में पहल*

आरएएमपी योजना के तहत जिला स्तरीय निर्यात जागरूकता एवं प्रबंधन कार्यशाला आयोजित*

नारायणपुर, 30 सितंबर 2026// जिले के स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक शिल्प और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र नारायणपुर में जिला स्तरीय निर्यात जागरूकता एवं प्रबंधन कार्यशाला आयोजित की गई। भारत सरकार की आरएएमपी (रेजिंग एंड एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस) योजना के तहत आयोजित कार्यशाला में बांस एवं तुम्बा शिल्प से जुड़े कारीगरों, स्थानीय उद्यमियों और एमएसएमई प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यशाला में निर्यात विशेषज्ञ अली सईद और राहुल ने प्रतिभागियों को निर्यात प्रक्रिया से जुड़ी आवश्यक जानकारियां दीं। उन्होंने आईईसी पंजीयन, एचएस कोड एवं उत्पाद वर्गीकरण, निर्यात दस्तावेजीकरण, कमर्शियल इनवॉइस, पैकिंग लिस्ट, शिपिंग बिल, सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन, गुणवत्ता मानक और पैकेजिंग सहित निर्यात के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं के बारे में बताया।

विशेषज्ञों ने स्थानीय बांस एवं तुम्बा शिल्प को अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुरूप विकसित करने, आकर्षक पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग, उत्पादों का मूल्य निर्धारण और संभावित खरीदारों तक पहुंच बनाने के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया। डिजिटल माध्यमों से बाजार विस्तार और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की आवश्यकताओं के अनुरूप उत्पाद तैयार करने की जानकारी भी साझा की गई।

कार्यशाला में केंद्र एवं राज्य शासन की निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं, वित्तीय एवं संस्थागत सहायता तथा एमएसएमई के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई। कारीगरों और उद्यमियों ने अपने उत्पादों की वर्तमान बाजार व्यवस्था, निर्यात की संभावनाओं और इससे जुड़ी चुनौतियों पर विशेषज्ञों से चर्चा की। निर्यात पंजीयन, दस्तावेजीकरण, उत्पाद मानक, पैकेजिंग एवं बाजार चयन से जुड़े उनके सवालों का विशेषज्ञों ने समाधान किया।

जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के के.एस. मीणा और आकाश ने स्थानीय कारीगरों एवं उद्यमियों को शासकीय योजनाओं और संस्थागत सहयोग का लाभ लेकर अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यशाला का आयोजन सीएसआईडीसी रायपुर के माध्यम से चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया। आयोजन एवं समन्वय में मुन्नमुन जरी, रोहित शर्मा, अंकित मिश्रा और चेतन चंद्राकर ने सहयोग किया। कार्यशाला के माध्यम से नारायणपुर के पारंपरिक बांस एवं तुम्बा शिल्प को घरेलू बाजार के साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं और उपलब्ध शासकीय सहायता से कारीगरों एवं उद्यमियों को अवगत कराया गया।

सह संपादक

अर्जुन देवांगन

9424287527

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