Fri 31 Jul 2026

ब्रेकिंग

भारी बारिश बना लोगों के लिए आफत। कुढ़हार गांव के छिनारी पारा और स्कूलपारा के बीच का पुलिया बहा।आवागमन प्रभावित।

बस्तर में सड़क क्रांति की दिशा में बड़ा कदम,केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिले सांसद महेश कश्यप

वीएसके ऐप में तकनीकी त्रुटियों समस्या के कारण किसी भी शिक्षक का वेतन नहीं कटेगा : शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव

मूसलाधार बारिश में अबूझमाड़ का जंगल और पेड़ बना BSF जवानो का जीवन रक्षक

गुरु रविदास जी का संदेश सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण का आधार — भाजपा जिला संगठन प्रभारी सुधीर पांडेय

शहर में मिला अत्यंत दुर्लभ प्रजाति का विलुप्त प्राय वन्यजीव पैंगोलिन। : जंगल से भटकता हुआ पहुंचा शहर दुर्लभ पैंगोलिन।छत्तीशगढ़ और बस्तर में इसे चिलपी और शलू के नाम से जानते हैं।

शहर में मिला अत्यंत दुर्लभ प्रजाति का पैंगोलिन। जंगल से भटकता हुआ पहुंचा बीच शहर।छत्तीशगढ़ और बस्तर में इसे चिलपी और शलू के नाम से जानते हैं।

*एंकर* शहर के बखरूपारा स्थित कोट गुड़ीन मंदिर परिसर में मिला अत्यंत दुर्लभ प्रजाति का पैंगोलिन, घने जंगल से भटकता हुआ पहुंचा था शहर में, सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पैंगोलिन को सुरक्षित रेस्क्यू किया और वन परिक्षेत्र कार्यालय लाया गया ।स्वास्थ्य की प्रारंभिक जांच से पता चला कि उसे किसी प्रकार की चोटें नहीं आई है।पंचनामा और आवश्यक प्रकिया के पश्चात वापस पैंगोलिन को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।

बता दें पैंगोलिन एक दुर्लभ प्रजाति का स्तनधारी जीव है जिसके शरीर में शल पाया जाता है पैंगोलिन अत्यंत शर्मीला स्वभाव का जीव है,रात्रि में भोजन की तलाश में विचरण करता है खतरा महसूस होने पर अपने शरीर को सिकुड़ कर गेंद नुमा बना लेता है। जिससे शिकारी भी आसानी से नुकसान नहीं पहुंचा सकता। पैंगोलिन का भोजन मुख्य रूप से मिट्टी में पाए जाने वाली दिमक और चीटियां है । दीमक और चीटियां खाकर जीवित रहता है ।तस्करी के चलते यह अत्यंत दुर्लभ प्रजाति का पैंगोलिन विलुप्त के कगार पर है इसलिए इसे अत्यंत दुर्लभ प्रजाति के जीव के अंतर्गत रखा गया है अब अत्यंत दुर्लभ प्रजाति के पैंगोलिन की संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता है।

121 वन परिक्षेत्र अधिकारी कृष्ण कुमार यादव।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन