Mon 02 Mar 2026

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: महिला शिक्षिका पर तीन वर्षों से शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप

रचना ठाकुर की रिपोर्ट
   स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम हाईस्कूल बारसूर की छात्राएं गुरुवार को जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और अपनी महिला शिक्षिका के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई। छात्राओं ने आरोप लगाते हुए कहा है कि महिला शिक्षिका पिछले तीन वर्षों से छात्रोंओं को उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही है। इस दौरान छात्राओं ने बताया कि जब वे विरोध करती हैं या किसी से शिकायत की बात करती हैं, तो शिक्षिका धमकी देती हैं और कहती है कि "जहां शिकायत करनी है कर दो, मेरा कोई कुछ नहीं बिगड़ेगा। मेरी कलेक्टर और विधायक से सीधी और अच्छी तरह से पहचान है।" छात्राओं ने आरोप लगाया कि शिक्षिका अक्सर अपमानजनक भाषा का प्रयोग करती हैं, माता पिता पर भी अपमानजनक , अपशब्द भाषाओं का प्रयोग करती है,कक्षाओं में मानसिक रूप से दबाव डालती हैं, और छोटी-छोटी बातों पर फिजिकल पनिशमेंट भी देती हैं। इस व्यवहार से वे भयभीत और तनावग्रस्त रहती हैं। कई बार छात्राओं ने अपनी बात स्कूल प्रबंधन तक भी पहुंचाई, लेकिन अब तक की कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। छात्राओं का कहना है कि उन्हें अब पढ़ाई में मन नहीं लगता और वे स्कूल आने से डरने लगी हैं। उनका आरोप है कि शिक्षिका की ‘ऊँची पहुंच’ के कारण कोई भी अधिकारी या स्टाफ खुलकर उनके खिलाफ कुछ भी नहीं बोलता। कई स्टाफ इस प्रताड़ना से तंग आकर स्कूल से रिजाइन देकर चले गए है इससे छात्राएं खुद को असहाय महसूस कर रही हैं। कलेक्टर से मिलकर छात्राओं ने उम्मीद जताई कि उन्हें न्याय मिलेगा और उचित कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में अभिभावकों ने भी नाराजगी जताई है और शिक्षिका को स्कूल से हटाने की मांग की है। कलेक्टर ने शिकायत को गंभीरता से लेने की बात कही है और जांच के आदेश दिए हैं। तो वही ज़िला शिक्षा अधिकारी प्रमोद ठाकुर ने कहा है सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य सर्वोपरि है, और यदि आरोप सही पाए गए तो दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में छात्र-छात्राओं की मानसिक सुरक्षा और शिक्षकों की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ब्यूरो चीफ दंतेवाडा रचना ठाकुर 7000297169    

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