: धान खरीदी केन्द्रों में बारदाने उपलब्ध कराने तथा धा उठाव के दिये निर्देश-कलेकटर*
Tue, Dec 3, 2024
तेन सिंह ठाकुर की रिपोर्ट नारायणपुर 03 दिसंबर 2024// साप्ताहिक समय सीमा की बैठक कलेक्टर श्री बिपिन मांझी द्वारा जिला कार्यालय के सभाकक्ष में लिया गया। उन्होंने नियद नेल्लानार के स्वीकृत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने नियद नेल्लानार योजनांतर्गत संचालित विभागीय अधिकारियों से कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा की पेयजल, सड़क निर्माण, वनाधिकार पटट्ा, सौर उर्जा, नलजल योजना, अस्पताल, अंगनबाड़ी, उपस्वास्थ्य केन्द्र संचालित करने और प्रधानमंत्री फसल बीमा से लाभान्वित करने निर्देशित किए।
कलेक्टर ने धान खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त बारदाने, पेयजल, छाया, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और धान उठाव करने निर्देशित किया। नियद नेल्लानार अंतर्गत आने वाले ग्रामों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, शिविर लगाकर राशन, आधार, आयुष्मान कार्ड और श्रम कार्ड बनाने निर्देशित किये। बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी की समीक्षा कर मंडी से धान उठाव की व्यवस्थाएं पूर्व में ही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने सेमदास बघेल की मृत्यु होने से श्रम विभाग एवं समाज कल्याण विभाग से परिवार सहायता राशि दिलाने, लाईवलीहुड कॉलेज नारायणपुर में 50 सीटर बालक छात्रावास निर्माण के लिए पर्यावरण एवं अधोसंरचना विकास उपकरण मद अंतर्गत राशि पुनराबंटित करने निर्देशित किया। उन्होंने जल जीवन मिशन की योजनाओं को लक्षित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा जिले में युवा उत्सव के आयोजन हेतु आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने निर्देशित किया।कलेक्टर श्री मांझी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत स्वीकृत संविदा पदों की भर्ती पूर्ण कराने, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत वन अधिकार पट्टाधारी किसानों एवं विषेष रूप से पिछड़ी जनजाति के सेचूरेशन कराने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना मौसम खरीफ वर्ष 2024 में राजस्व ग्राम अंतर्गत वन पट्टाधारी कृषकों के प्रविष्टि कराने, जनदर्शन में दिए गए आवेदन पर कार्यवाही करने, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में दिये गये निर्देशानुसार जिले में संधारित निराश्रित निधि में उपलब्ध राशि के कार्ययोजना बनाने निर्देशित किया।कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग, कृषि, कौशल विकास और नगरपालिका परिषद द्वारा संचालित योजनाओं का गहन समीक्षा किया। उन्होंने पशुधन विकास विभाग के उप संचालक को निर्देशित करते हुए कहा कि पशुधनों को बिमारियों से बचाने के लिए शिविर लगाकर टीकाकरण कराएं। उन्होंने नारायणपुर मेनरोड़ पुलिया निर्माण कार्य एवं पेयजल विद्युतीकरण सड़क निर्माण आदि लंबित कार्याे को पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नियद नेल्लानार अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का निरारकण शीघ्र करें। श्री मांझी ने जनपद सीईओ, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास और जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि पंचायत के माध्यम से जन्म, मृत्यु, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र बनाने के लिए प्रकरण तहसील कार्यालय में प्रेषित करने निर्देशित किये। उन्होंने जिले में दुग्ध समिति गठित कर शीघ्र क्रियान्वित किये जाने स्व सहायता समूहों के माध्यम से किये जाने हेतु विपणन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने किसानों द्वारा बोये गये फसलों की गिरदावरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने तहसीलदारांे को निर्देश दिये। आधार कार्ड बनाने हेतु कैम्प लगाकर शतप्रतिशत पूर्ण कराएं, जिससे हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभांवित किया जा सके। उन्होंने श्रम विभाग को श्रमिकों का पंजीयन करने, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित नोनी सुरक्षा योजना का लाभ दिलाने, समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को पेंशन और सहायक उपकरण शिविर लगाकर वितरण कराने तथा महतारी वंदन योजना अंतर्गत लाभांवित हो रहे महिलाओं का मृत्यु होने पर नाम कटवाने के निर्देश दिये। प्रधानमंत्री जनमन योजनांर्गत जिले में शिविर लगाकर आधार कार्ड, जनधन खाता, आयुष्मान कार्ड, वनाधिकार पत्र, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना से हितग्राहियों को लाभान्वित किये जाने हेतु निर्देशित किये। कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य विभाग के कार्यपालन अभियंता को निर्देशीत करते हुए कहा कि नियद नेल्लानार योजनातंर्गत स्वीकृत कार्याे को गंभीरता पूर्वक पूर्ण कराएं।बैठक में अपर कलेक्टर बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई ने समीक्षा करते हुए कहा कि निर्माण एजेंसी विभाग से कार्य प्रारंभ करने के पूर्व संबंधीत विभाग से एनओसी लेना सुनिश्चित करे ताकि निर्माण कार्य आसानी से पूर्ण हो सके। धान खरीदी के लिए बारदाने लक्ष्य के अनुरूप एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर ओलंपिक 2024 के विजेता खिलाड़ियों को संभाग स्तरीय खेल में भाग लेने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने खेल अधिकारी को निर्देशित किये। उन्होंने समीक्षा करते हुए कहा कि नियद नेल्लानार योजनांतर्गत ग्रामीणों को लाभांवित करने के लिए शिविर लगाएं।बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत वासु जैन, संयुक्त कलेक्टर अभिषेक गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर डॉ. सुमित गर्ग, सहायक आयुक्त आदिवासी डॉ. राजेन्द्र सिंह, सीएमएचओ डॉ. टी.आर. कुंवर, महिला एवं बाल विकास अधिकारी रविकांत ध्रुवे, जनपद सीईओ एलएन पटेल, मेघलाल मण्डावी सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।विज्ञापन एवम सामाचार के लिए सम्पर्क करेंप्रधान संपादकतेन सिंह ठाकुर9424287547
: दक्षिण बस्तर में मौसम का मिजाज़ बदला
Tue, Dec 3, 2024
तेन सिंह ठाकुर की रिपोर्ट दंतेवाड़ा
दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले में मौसम का मिज़ाज ठीक नहीं है। पिछले दो दिनों से बादल छाए हुए हैं। खराब मौसम को लेकर किसान चिंतित है, क्योंकि बारिश हुई तो साल भर की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। खुले में धान पड़े होने के कारण बारिश से नुकसान होने की आशंका है। धान के अलावा उड़द , कुल्थी आदि दलहनी फसलों को भी बर्बादी से बचाना मुमकिन नहीं होगा। उड़द का प्रसंस्करण काम जारी है। साफ मौसम के अभाव में उड़द की फल्ली नरम हो गई है और बीज नही झड़ रहे हैं। यही हाल रहा तो फफूंद लगने का खतरा है। खराब मौसम से कॄषि उत्पाद को बचाने कैप कव्हर और अन्य इंतजाम में किसान जुटे हैं। इस बीच खलिहान में भण्डार किए गए धान की मिंजाई के लिए किसान कड़ी मेहनत कर रहे हैं। यही कारण है कि पेडी थ्रेशर की मांग इतनी बढ़ गई है कि किसान निर्धारित किराये से 20 प्र ज्यादा भुगतान करने के लिए मजबूर है। बारिश होने पर धान की क्वालिटी पर फर्क पड़ेगा और लेम्पस में रिजेक्ट हो जाएगा। इस तरह किसानों के आगे खराब मौसम से निपटने की बहुत बड़ी चुन्नौती उत्पन्न हो गई है।
मौसम की दगाबाजी से ना केवल किसान बल्कि धान खरीदी में जुटे सहकारी समिति भी परेशान है। उपार्जित धान को कैप कव्हर से ढकने के बाद भी अथिक बारिश की सूरत में धान खराब हो जाएगा। मिलर्स ऐसे धान के उठाव में आनाकानी करते हैं और फिर समितियों को घाटा उठाना पड़ता है। बारिश होने पर धान उपार्जन का काम भी प्रभावित होगा। किसान चाहते हैं कि खराब मौसम की परेशानी जल्द दूर हो और बारिश का खतरा टल जाए। दक्षिण बस्तर के सभी 15 केन्द्रों में खरीदी प्रारंभ हो गई है। 2 दिसम्बर की स्थिति में 965 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है।मुचनार निवासी थलेश ठाकुर ने बताया कि खराब मौसम को देखते हुए किसान किसान जितनी जल्दी हो सके, धान की मिंजाई कर नुकसान से बचना चाहते हैं। यही कारण है कि धान मिंजाई के लिए पेडी थ्रेशर की मांग बढ़ गई है। प्रति घंटे किसान निर्धारित दर से 20 फीसदी तक अतिरिक्त भुगतान भी कर रहे हैं। मिंजाई कर धान को सुरक्षित रखा जा सकता है,, मगर खलिहान में पड़े धान को बारिश से बचाने में मुश्किल होगी। बारिश में भीगे धान ना तो लेम्पस में बिकेगी ना ही व्यापारी खरीदी करेंगे।विज्ञापन एवम सामाचार के लिए सम्पर्क करेंप्रधान संपादकतेन सिंह ठाकुर9424287547
: जनजातीय धरोहरों को संरक्षित करने की दिशा में मुख्यमंत्र नेकी पहल
Mon, Dec 2, 2024
तेन सिंह ठाकुर की रिपोर्टकांकेरजनजातीय धरोहरों को संरक्षित करने की दिशा में मुख्यमंत्र नेकी पहल *बैगा, गुनिया, सिरहा को 5-5 हजार रूपए की सम्मान निधि देने के निर्णय से खुशी का माहौल*उत्तर बस्तर कांकेर, 02 दिसम्बर 2024/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बस्तर प्राधिकरण की बैठक में जनजातीय परंपराओं और विरासतों को सहेजने व संजोने के उद्देश्य से बैगा, गुनिया और सिरहा को हर साल 5-5 हजार रूपए की सम्मान निधि प्रदाय करने का फैसला लिया था। राज्य सरकार के इस निर्णय से जनजातीय परंपराओं के संरक्षकों में हर्ष व्याप्त है।नरहरपुर विकासखण्ड के ग्राम मुड़पार (दखनी) के सिरहा श्री अमर सिंह कुमेटी ने बताया कि इस फैसले से एक तरह से बस्तर की जनजातीय धरोहरों को आगे बढ़ाने वालों ने खुशी व्याप्त है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 साल से सिरहा का काम कर रहे हैं तथा नाड़ी वैद्य के रूप में ग्रामीणों सहित अन्य क्षेत्रों से आए लोगों की शारीरिक एवं मानसिक बाधाओं को दूर करने का प्रयास करते हैं। श्री कुमेटी ने बताया कि इसके तहत् दैवीय शक्तियों- बूढ़ीमाता, रकतमावली, रानीमाई, गाजवाली का आह्वान कर लोगों की बाधाएं दूर करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि किसी तरह की शारीरिक व्याधि का पता चलने पर रोगी को तत्काल अस्पताल जाने की सलाह दी जाती है। सिरहा श्री कुमेटी ने बताया कि वह परमाहा मुदिया (कुल परम्परा) के अनुचर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री की इस घोषणा के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस राशि से जनजातीय परम्पराओं को आगे बढ़ाने का जरिया मिलेगा। इसी गांव के युवा सिरहा श्री गोविन्दराम वट्टी ने बताया कि वह ‘पाण्डेलइया’ परम्परा के अनुगामी हैं और बूढ़ीमाता, गढ़मावली, काली कंकालिन माता का आह्वान कर लोगों के कष्ट दूर करने का काम करते हैं। पिछले 15 सालों से सिरहा का काम करने वाले श्री वट्टी ने बताया कि वह नाड़ी ़परीक्षण कर, पीढ़ा बैठाकर ‘बिचारने’ का काम करते हैं। श्री वट्टी ने भी मुख्यमंत्री श्री साय की इस घोषणा पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनका आभार माना।उल्लेखनीय है कि 18 नवम्बर को चित्रकोट (बस्तर) में आयोजित बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक में जनजातीय परम्पराओं के संरक्षक बैगा, गुनिया और सिरहा को प्रोत्साहन स्वरूप 5-5 हजार रूपए की सम्मान निधि देने की घोषणा की। राज्य सरकार के इस निर्णय से छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी गौरवशाली परम्परा को आगे बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा।प्रधान संपादकतेन सिंह ठाकुर9424287547