: जिला विधिक सेव प्राधिकरण के सचिव ने किया उप जेल का निरीक्षण
Thu, Nov 28, 2024
नारायणपुर
28 नवम्बर 2024// जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोण्डागांव के आदेशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुश्री गायत्री साय के द्वारा उप जेल नारायणपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। उन्होंने उप जेल नारायणपुर में जिन बंदियों का जमानत आदेश न्यायालय द्वारा दिया गया है और जमानतदार पेश नहीं कर पा रहा है और ऐसे बंदी जिसका एक भी जमानत आवेदन पत्र न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है उन प्रकरण की पैरवी हेतु विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से निःशुल्क अधिवक्ता नियुक्त करने के लिए विधिक साक्षरता शिविर आयोजित कर विधिक जानकारी दिया। रिटेनर अधिवक्ता श्री चन्द्र प्रकाश कश्यप द्वारा निःशुल्क अधिवक्ता के संबंध में एवं जमानत आदेश होने के पश्चात जितने राशि की जमानत पेश करने का आदेश होता है वह राशि या रकम न्यायालय में जमा करना नहीं होता है जमानत दार के भूमि स्वामी हक की ऋढ पुस्तिका या पट्टा के द्वारा जमानतदार प्रस्तुत करना होता है विधिक जानकारी दिया गया। सचिव द्वारा उप जेल का बैरकों, स्नान गृह, शौचालय, पानी की सुविधा, भंडारण एवं पाकशाला का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उप जेल नारायणपुर के कर्मचारी एवं अधिकार मित्र घाशीराम नेताम और विवेक कश्यप उपस्थित थे।
: अंश कालिक योग शिक्षक आवेदन आमंत्रित हेतु
Thu, Nov 28, 2024
*जिले के 08 पीएमश्री स्कूलों में अंशकालिक योगा प्रशिक्षक के चयन हेतु 02 दिसंबर तक आवेदन आमंत्रित* जगदलपुर 28 नवम्बर 2024/ प्रबन्ध संचालक समग्र शिक्षा राज्य परियोजना कार्यालय रायपुर के निर्देशानुसार बस्तर जिले में स्वीकृत 08 पीएमश्री स्कूलों में अंशकालिक योगा प्रशिक्षक के चयन के लिए योग्य अभ्यर्थियों से 02 दिसंबर 2024 तक कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी सह जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा हाता ग्राउण्ड के समीप जगदलपुर (छत्तीसगढ़) में आमंत्रित किया गया है। आवेदन पत्र साधरण डाक, कुरियर, पंजीकृत डाक अथवा स्पीड पोस्ट के माध्यम से या स्वयं उपस्थित होकर जमा किया जा सकता है। इस बारे में विस्तृत जानकारी का अवलोकन जिले की आधिकारिक वेबसाइट https:// bastar.gov.in पर किया जा सकता है।
: समर्थन मूल्य पर धान उपार्जउपार्जन से किसानों को हो रही सहूलियत
Thu, Nov 28, 2024
तेन सिंह ठाकुर की रिपोर्ट जगदलपुरसमर्थन मूल्य पर धान बेचकर महादेव और मनदेव ने कहा फसल ऋण जमा करने सहित घरेलू कार्य में करेंगे उपयोग* जगदलपुर 28 नवम्बर 2024/ धान छत्तीसगढ़ की प्रमुख फसल है, जिससे अन्नदाता किसान स्वयं के भरण-पोषण सहित अन्य जरूरतों को पूरा करते हैं। किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य दिलाने के लिए सरकार हर साल न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करती है। जो किसानों को उनकी लागत से अधिक लाभ देने के उद्देश्य से तय किया जाता है। सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद ने किसानों को न केवल आर्थिक स्थिरता प्रदान की है, बल्कि उनकी आय में भी सुधार किया है। राज्य सरकार की समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन नीति से किसानों को वाजिब दाम के साथ ही उन्नत खेती-किसानी के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है। जगदलपुर ब्लॉक के गरावंड खुर्द निवासी किसान महादेव बघेल और तुरेनार निवासी कृषक मनदेव अपनी खरीफ धान को बेचकर जहां खरीफ फसल ऋण को अदा करेंगे। वहीं घर की जरूरी कार्यों के लिए उपयोग करने की बात कही। उक्त दोनों कृषकों ने रबी फसल सीजन में मक्का और साग-सब्जी की खेती कर आय संवृद्धि करने का संकल्प दुहराया। इन दोनों किसानों ने सरकार की धान खरीदी व्यवस्था की सराहना करते हुए शीघ्र भुगतान के लिए राज्य सरकार को धन्यवाद दिया। *ऋण चुकाने में मदद* समर्थन मूल्य पर मिलने वाली राशि से किसान अपने कृषि ऋण को समय पर अदा करते हैं, जिससे उन्हें ब्याज के बोझ से राहत मिलती है। इस बारे में जगदलपुर विकासखण्ड के गरावंड खुर्द निवासी किसान महादेव बघेल बताते हैं कि लगभग तीन एकड़ कृषि भूमि में धान की उन्नत खेती से अच्छी पैदावार मिली है। अभी 56 क्विंटल धान बेचकर खरीफ फसल ऋण को चुकाने के साथ ही घरेलू कार्य के लिए उपयोग करेंगे। वहीं रबी फसल के लिए फिर फसल ऋण लेकर मक्का और साग-सब्जी की पैदावार लेंगे *बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दे रहे मनदेव बघेल* गरावंड कला धान खरीदी केन्द्र में धान विक्रय करने आए तुरेनार के किसान मनदेव बघेल ने कहा कि 54 क्विंटल धान बेच रहे हैं। इस राशि से फसल ऋण अदा करने सहित छोटी बेटी प्रतीक्षा के कोचिंग क्लास का फीस जमा करेंगे और कुछ पैसे घर की जरूरत में खर्च करेंगे। उन्होंने बताया कि नलकूप की मदद से रबी फसल सीजन में मक्का और साग-सब्जी की पैदावार लेंगे, रबी फसल के लिए भी फसल ऋण लिया है। समर्थन मूल्य पर धान की खरीद ने किसानों को नई आर्थिक ताकत दी है। यह पहल न केवल किसानों की आय में वृद्धि कर रही है बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित कर रही है। ज्ञात हो कि बस्तर जिले में कुल 79 धान खरीदी केंद्रों के माध्यम से किसानों के धान का उपार्जन किया जा रहा है।