: माड़ के धुर नक्सल प्रभावित ग्राम कान्दुलनार में जिला नारायणपुर पुलिस एवं 133वीं वाहिनी बीएसएफ द्वारा स्थापित किया गया नवीन कैम्प
Thu, Apr 10, 2025
तेन सिंह ठाकुर
माड़ के धुर नक्सल प्रभावित ग्राम कान्दुलनार में जिला नारायणपुर पुलिस एवं 133वीं वाहिनी बीएसएफ द्वारा स्थापित किया गया नवीन कैम्प
जिला नारायणपुर में खुला 12वां नवीन सुरक्षा एवं जनसुविधा कैम्प कान्दुलनारकैम्प स्थापना के साथ पुलिस और बीएसएफ के द्वारा कम्यूनिटी पुलिसिंग के साथ लगाया गया एक दिवसीय शिग्रामीणों को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं जोड़ने का किया गया प्रयास जीवनोपयोगी सामग्री किया गया वितरणपुलिस कैम्प के लगने और सुरक्षा बलो को पास पाकर ग्रामीणों मे है खुशी का माहौलमाड़ क्षेत्र में कैम्प स्थापना से माओवादियों की नापाक मंसूबों पर लगी है लगाक्षेत्र में तेजी से विकास कार्याें को समग्र विस्तार होगा एवं नक्सल उन्मूलन अभियान में आयेगीतेजीकैम्प लगने के साथ ही हो रहा है नारायणपुर-सितरम-बेठिया सड़क का विस्तार, सितरम मात्र12 किमी दूरनारायणपुर डीआरजी, बस्तर फॉईटर एवं बीएसएफ 133 एवं 129वीं वाहिनी की महत्वपूर्ण भूमिकावरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नारायणपुर पुलिस के द्वारा जिला नारायणपुर अन्तर्गत थाना सोनपुर के ग्राम कान्दुलनार में माओवादी विरोधी अभियानों एवं सोनपुर-ढोढरीबेड़ा-मसपुर-होरादि-गारपा-कान्दुलनार से सितरम-मरोडा मार्ग तक सड़क निर्माण कार्य में सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से दिनांक 07.04.2025 को नारायणपुर पुलिस डीआरजी, बस्तर फॉईटर एवं बीएसएफ 133वीं, 129वीं, 135वीं वाहिनी के द्वारा घोर नक्सल प्रभावित माड़ क्षेत्र के ग्राम कान्दुलनार में नवीन सुरक्षा एवं जनसुविधा कैम्प स्थापित किया गया है। विगत एक साल में अब तक 12वां नवीन कैम्प कांदुलनार में खोला गया। ग्राम कान्दुलनार ओरछा ब्लाक कोहकामेटा तहसील व थाना सोनपुर क्षेत्रान्तर्गत स्थित है। ग्राम कान्दुलनार में नवीन कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में काफी उत्साह एवं सुरक्षा का माहौल बना हुआ है। कांदुलनार में नवीन कैम्प स्थापित होने से सरकार की ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना के अन्तर्गत आसपास के क्षेत्र में सड़क, पानी, पुल-पुलिया, शिक्षा, चिकित्सा, मोबाईल नेटवर्क कनेक्टिविटी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा एवं नक्सल उन्मूलन अभियान में तेजी आयेगी। नारायणपुर पुलिस एवं बीएसएफ के द्वारा ग्राम कान्दुलनार में एक दिवसीय कम्युनिटी पुलिसिंग शिविर का आयोजन किया गया। 133वीं वाहिनी बीएसएफ के कमाण्डेंट श्री कमल सिंह शर्मा एवं श्री रोबिनसन गुड़िया (भा.पु.से.), श्री सुशील कुमार नायक अति. पुलिस अधीक्षक नारायणपुर क्षेत्र के ग्राम कान्दुलनार, कोगे, पांगुड़, विवनार, बेरीटोला, बोरानीरपी एवं आसपास क्षेत्र के ग्रामीणों से भेट मुलाकात कर उनसे कुशलक्षेम जानकर उनके समस्याओं को सुना ग्रामीणों द्वारा पूर्व के नक्सल यातना को व्यक्त किया और अब क्षेत्र में पुलिस कैम्प के साथ विकास पहंुचने पर स्वयं को सुरक्षित महसुस करना बताये। ग्रामीणों ने नक्सलवाद का साथ नहीं देने विकास कार्याें में सहयोग करने की बात कही। शिविर में जरूरतमंद ग्रामीणों को उनके दैनिक उपयोगी सामग्री प्रदाय किया गया। ग्रामीणों द्वारा मुख्य रूप से बिजली, नल-जल, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोड इत्यादि मूलभूत सुविधाओं के साथ पुलिस कैम्प की मांग किया गया जिसे जल्द पूर्ण कराये जाने एवं क्षेत्र में ‘‘जन समस्या निवारण शिविर’’ का लगाये जाने का आश्वासन दिया गया। शिविरि में 400 से अधिक की संख्या में ग्रामीण उपस्थित आये। सभी उपस्थित बच्चों का चॉकलेट से मुंह मीठा कराया गया। शिक्षा के महत्व को बताते हुएं बच्चों को नियमित स्कूल भेजने के संबंध में पालकगण को समझाया गया। ज्ञात हो कि कांदुलनार कैम्प खुलने के साथ ही इस समय माड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों की सघन नक्सल विरोधी अभियान जारी है, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र के ग्रामीण अब भय व हिंसामुक्त होकर जीवन जी रहे है एवं ग्रामीणों में नक्सली भय से आजादी की आशा जगी है और नक्सल मुक्त सशक्त बस्तर का सपना साकार हो रहा है। अब क्षेत्र में सुरक्षा के निगरानी में सड़क निर्माण सहित अन्य जनकल्याणकारी सुविधाओं को आम जनता तक पहुंचाये जाने में सहयोग प्रदान किया जायेगा।माड़ से गुजरने वाली कोण्डागांव-नारायणपुर से सितरम महाराष्ट्र को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्य में सुरक्षा बलों की लगातार मदद मिलेगी जिससे जल्द ही रोड़ निर्माण कार्य पूर्ण होगी और क्षेत्र में आवागमन बढ़ेगी। कैम्प खुलने के साथ सड़क निर्माण का कार्य लगातार जारी है। नारायणपुर से पखांजूर बेठिया जाने के लिए सोनपुर गारपा पांगुड़ की सड़क जल्द ही हो जायेगी तैयार। सितरम अब महज 12 किमी दूर है। सुरक्षा बलों को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपनी पहुंच और निगरानी, स्थानीय लोगों को नक्सल हिंसा से निजाद दिलाने में मदद मिलेगी। यह कदम नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए कारगर रहेगा। माड़ क्षेत्र में कैम्प स्थापना से माओवादियों की नापाक मंसूबों पर लगी है लगाम सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं का मुहैया व मुख्यधारा में जोड़ने का हरसंभव प्रयास। धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जहॉ कदम-कदम पर सुरक्षा बलों को खतरा है वहॉ पर नवीन कैम्प खोलना सुरक्षा बलों को कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है जो निश्चित ही चुनौतीपूर्ण कार्य है। श्री सुन्दराज पी. (भा.पु.से.) पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज जगदलपुर, श्री कमलोचन कश्यप (भा.पु.से.) पुलिस उप महानिरीक्षक दंतेवाड़ा रेंज दंतेवाड़ा, श्री प्रभात कुमार (भा.पु.से.) पुलिस अधीक्षक नारायणपुर, श्री कमल सिंह शर्मा कमाण्डेंट 133वीं वाहिनी बीएसएफ, श्री संजय सिहं कमाण्डेंट 129वीं वाहिनी बीएसएफ एवं, श्री रोबिनसन गुड़िया (भा.पु.से.), श्री सुशील कुमार नायक अति. पुलिस अधीक्षक नारायणपुर, श्री नवल सिंह सेकेण्ड इन कमाण्ड, श्री जितेन्द्र सिंह असिस्टेंट कमाण्डेंट, डॉ. सुबोध कुमार असिस्टेंट कमाण्डेंट, 133वीं वाहिनी बीएसएफ 135वीं वाहिनी बीएसएफ श्री नरेश सिंह, श्री सोनू वर्मा रक्षित निरीक्षक नारायणपुर, श्री प्रवीण मीणा निरीक्षक 133वीं वाहिनी बीएसएफ के नेतृत्व एवं मार्ग निर्देशन में नवीन कैम्प स्थापना में नारायणपुर डीआरजी, बस्तर फॉईटर एवं बीएसएफ 133वीं एवं 129वीं वाहिनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।प्रधान सम्पादकतेन सिंह ठाकुर6264046084
: पंचायत सचिवों ने हड़ताल पंडाल में किया रामायण पाठ
Wed, Apr 9, 2025
रचना ठाकुर की रिपोर्ट...
पंचायत सचिवों ने हड़ताल पंडाल में किया रामायण पाठ -17 मार्च से हड़ताल पर हैं सचिव- सचिवों के बगैर ही आयोजित हो रहा सुशासन तिहार *दंतेवाड़ा*। पंचायत सचिवों की अनिश्चितकालीन हड़ताल विगत 17 मार्च से जारी है। इस दौरान सचिव जिला मुख्यालय व ब्लॉक मुख्यालयों में निरंतर धरना दे रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को सचिवों ने हड़ताल पंडाल में रामायण पाठ किया। पंचायत सचिव नियमितीकरण-शासकीयकरण संबंधी एक सूत्रीय मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। इस बीच राज्य सरकार ने लोक सुराज अभियान की शुरुआत कर दी है, जिसका नाम इस बार सुशासन तिहार रखा गया है। इसके जरिए नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में आम जनता की मांगों व शिकायतों के आवेदन लिए जा रहे हैं, लेकिन पंचायत सचिवों के हड़ताल पर होने से ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों पंचायत के काम-काज ठप पड़े हुए हैं। दो दिन पहले सोमवार कोसरपंच संघ की दंतेवाड़ा जिला इकाई ने धरना स्थल दुर्गा मंडप में पहुंचकर सचिवों के आंदोलन को समर्थन दिया था। सरपंच संघ के चारो ब्लॉक के ब्लॉक अध्यक्षों ने सचिवों की मांग को जायज बताते हुए इसे तत्काल पूरी करने की मांग रखी। साथ ही कहा किपंचायत सचिवों पर जितना कार्य भार और मानसिक दबाव रहता है, उसे देखते हुए शासन को नियमितीकरण-शासकीयकरण की मांग को तत्काल पूरा करना चाहिए। चुनाव में जब से नए सरपंचचुनकर आए हैं, तब से सचिव हड़ताल पर चले गए हैं। नए सरपंचों को काम करने और कुछ सीखने का मौका ही नही मिल रहा है। विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। आम जनता अपने काम के लिए भटक रही है।जिला ब्यूरो प्रमुख दंतेवाड़ारचना ठाकुर7000297169
: विषय बाध्यता की शर्तें से शिक्षक नाराज़
Wed, Apr 9, 2025
तेन सिंह ठाकुर
विषय बाध्यता की शर्तें से शिक्षक नाराज
दो साल पूर्व राजपत्र में प्रकाशित विषय बाध्यता की समाप्ति के निर्णय को वापस लेने पर सहायक शिक्षकों में नाराजगी है। इस फैसले से वरिष्ठता का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा। वहीं वेतन विसंगति की समस्या का समाधान भी नहीं होगा।
बस्तर संभाग में आने वाले सात जिले बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, बस्तर, नारायणपुर, सुकमा और कोण्डागांव में रिक्त शिक्षक एल बी के पद को भरने पदोन्नति की प्रक्रिया जारी है। 17 मार्च 2025 को संयुक्त संचालक बस्तर संभाग जगदलपुर की ओर से सहायक शिक्षकों की वरिष्ठता सूची जारी की गई है। जेडी के आदेश क्रमांक 696 के तहत केवल संस्कृत विषय में स्नातक या स्नातकोत्तर प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों का शिक्षक एल बी टी संवर्ग में पदोन्नति का उल्लेख है। इस बात को लेकर संभाग के सहायक शिक्षकों ने नाराजगी जाहिर की है। सहायक शिक्षकों ने बताया कि वर्ष 2023 में विषय बाध्यता को समाप्त करने का नियम राजपत्र में प्रकाशित किया गया है। बावजूद इसका पालन नहीं किया जा रहा है। सहायक शिक्षकों ने नाराजगी जाहिर करते कहा है कि सभी विषय में एक साथ पदोन्नति क्यों नहीं की जा रही है? जेडी कार्यालय की ओर से संस्कृत विषय में पदोन्नति के नाम पर 3500 से अधिक सहायक शिक्षकों की सीआर मंगाई गईं है। उक्त सभी शिक्षकों को संस्कृत विषय में ही पदोन्नति दी जाएगी या अन्य विषय में, यह भी स्पष्ट नहीं है। संभाग के सहायक शिक्षकों ने मांग की है कि राजपत्र में प्रकाशित विषय बाध्यता को समाप्त करने के निर्णय का पालन हो और वरिष्ठता को प्राथमिकता दी जाए। विषय बाध्यता के कारण फरवरी 2022 में वरिष्ठ सहायक शिक्षक पदोन्नति से वंचित हो गए।
20 साल से एक ही पद पर कार्यरत
वर्ष 2005 से 2008 बैच के कई सहायक शिक्षक ऐसे है जो बीस साल से एक ही पद पर कार्यरत हैं। पदोन्नति पाने वाले 2010 - 2012 बैच के शिक्षकों का वेतन 2005 बैच के वरिष्ठ सहायक शिक्षकों से अधिक है। बगैर प्रमोशन के 20 साल तक सेवा देने वाले को योग्यता के बावजूद क्रमोन्नत वेतन भी नहीं मिल रहा है। बीजापुर जिले के सहायक शिक्षकों को प्रमोशन नहीं मिलने से ज्यादा नुकसान हो रहा है। अन्य जिले में 2012 बैच तक शिक्षक एल बी में पदोन्नत हो चुके हैं या फिर प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक बन गए हैं।विषय बाध्यता की शर्त गलतसहायक शिक्षकों ने कहा है कि विषय बाध्यता की समाप्ति के निर्णय को बदलना अनुचित है। दो साल पहले राजपत्र में प्रकाशित विषय बाध्यता को समाप्त करने के नियम का पालन हो। ताकि सबको पदोन्नति का अवसर मिले। शिक्षक थलेश ठाकुर ने कहा है कि 18-20 साल से बीजापुर जिले के सहायक शिक्षक एक ही पद पर कार्यरत हैं। ऐसे वरिष्ठ प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों को, किसी भी विषय में स्नातक या स्नातकोत्तर की अहर्ता रखते हों पदोन्नति मिलना चाहिए। बीएड प्रशिक्षित को भी प्राथमिकता मिले। ताकि मीडिल और हाईस्कूल में पढ़ाने वाले बीएड प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी दूर हो सके।
प्रधान सम्पादकतेन सिंह ठाकुर6264046084