*खोडगाँव अंजरेल माइंस व एन सी नाहर के टीप्पर मालिकों का अपनी जायज मांगो को लेकर रोड में उतर कर चक्कजाम करने को हुये मजबूर*
*नारायणपुर 2 मार्च*
आज आनन फानन में अंजरेल माइंस और एन सी नाहर के टीप्पर मालिकों को तेलसी मोड़ पर अंतागढ़ रोड को अवरुद्ध करके मजबूरन बैठना पड़ा, क्योंकि वर्तमान में रोड क़ि ख़राब स्तिथि और रोड निर्माण के लिए टीप्परो को शासन प्रसाशन के द्वारा टाईम बे टाईम छोड़ने से टिप्पर मालिकों और ड्राइवरो की समस्या बढ़ गई हैं,
अंतागढ़ से नारायणपुर मार्ग और नारायणपुर से कोंडागांव मार्ग का निर्माण कार्य होनें से नारायणपुर जिले वासियो का आवागमन के साधनों का कोई ठिकाना नही हैं, सबसे पहले निको जसयसवाल कंपनी को आमदई खदान छोटेडोंगर को माइनिंग करने का परमिशन दिया गया, उसके बाद रावघाट अंजरेल माइंस को,भिलाई स्टील पलांट को उसके बाद एन सी नहार को, लेकिन बिना रोड निर्माण के ही माइनिंग का ठेका दे दिया गया, जबकि किसी भी छेत्र में माइनिंग खुलता हैं, उसमे माइनिंग की लोडिंग गाड़ियों के अनुरूप रोड का निर्माण करना अति आवश्यक हैं, जिससे आम जनता को या प्रभावित क्षेत्रों को होनें वाली समस्यायों से लोकल निवासियों को कोई भी समस्या का सामना न करना पड़े, लेकिन सीधा इसका विपरीत नारायणपुर जिला में हुआ हैं, माइनिंग खुलने से पहले न तो रोड का निर्माण करवाया गया और न ही आम जनता कि समस्यायों का निराकरण किये बिना ही,नजर अंदाज करते हुये माइनिंग करने का आदेश कर खदानों को चालू करने दिया गया, और शासन प्रसाशन और कुछ लोकल निवासी एवं राजनैतिक पार्टियों के कुछ नेताओ ने माइंस खुलने कि अनुमति दे दी गई , आम जनता के हित के बारे में तनिक भी नहीं सोचा गया, क़ि बिना रोड निर्माण के माइंस क़ि लोडिंग गाड़िया कैसे चलेंगी, और चलेंगी भी तो गाड़ी मालिकों और लोकल निवासियों का जीना मरना हराम सा हो जायेगा,
*रोड निर्माण करने में ठेकेदार करते हैं मनमानी*
अभी पिछले साल से ही नारायणपुर से कोंडागांव रोड का निर्माण कार्य का आरम्भ हुआ हैं, और इतनी तेज गति से रोड निर्माण कार्य चालू कर दिया गया कि, नारायणपुर से पूरा कोंडागांव तक का सडक को खोद दिया गया, जिसके कारण पिछले बरसात से नारायणपुर से कोंडागांव मार्ग में यात्री बसों का चलना ही बंद हो गया हैं, पिछले बरसात के समय से लेकर अभी तक रोड निर्माण के कार्य में भारी लापरवाही ठेकेदार के द्वारा किया जा रहा हैं, पर ठेकेदार पर कोई भी उचित कार्यवाही नहीं हुई हैं, और न ही निर्माण कार्य में सुधार हुआ हैं, आख़िरकार रोड निर्माण के ठेकेदार बिना डर के मनमर्जी तरीके से रोड का निर्माण कर रहा हैं, जिसकी गलतियों का सुध लेने वाला कोई भी नहीं हैं।
*आम जनता कि हो रही समस्याओ को सुनने वाला कोई भी नहीं हैं,*
पिछले कुछ दिन पहले ही नारायणपुर जिला कलेक्टर नम्रता जैन ने रोड निर्माण का जायजा लिया था, और रोड निर्माण कि क़्वालिटी को चेक करवाया गया, 50 टन से ऊपर कि लोडिंग गाड़ियों का इस रोड में चलना मुश्किल बताया गया और 70 से 80 टन कि मार को सहन करने वाला रोड निर्माण के लिए फिर से और एक बार टेंडर का पैसा बड़वाकर 400 करोड़ के आस पास टेंडर को पास करवाया गया, और समय और क़्वालिटी को विशेष प्राथमिकता देने को ठेकेदार को हिदायत दी गई, जिससे समय पर रोड निर्माण कार्य सुचारु डंग से हो सके।
नारायणपुर से कोंडागांव रोड को एक साइड अप्रैल या मई तक पूर्ण करने का दावा ठेकेदार द्वारा कही गई हैं, अब देखना होगा कि इस बरसात के आते आते ठेकेदार कि बातो और रोड निर्माण के कार्यों में कितनी सच्चाई हैं, या सिर्फ जवाबो में ही रह जायेगा, रोड निर्माण के कार्य में टेंडर का पैसा और बढ़ जाने से क्या रोड निर्माण क़ि क़्वालिटी में सुधार होगा, या फिर जस के तस निर्माण कार्य रहेगा और आम जनता कि समस्या बरकरार रहेगी, या इन समस्याओ से निजात मिल पायेगा।
*ठेकेदार का आरोप हैं क़ि लगातार लोडिंग गाड़ियों के चलने से रोड निर्माण कार्य में हो रही हैं बाधा*
कोंडागांव से नारायणपुर मार्ग में पिछले 10 महीनों से न तो यात्री बस ढंग से चल रही हैं और न ही चार पहिया वाहन,सिर्फ एक्का दुक्का ही चार पहिया और दुपहिया वाहन ही चल पा रहा हैं, क्योंकि पूरा रोड क़ि खुदाई ठेकेदार के द्वारा क़ि गई थी, जिसके कारण रोड में डामरीकरण सडक का तो नामो निशान ही नहीं हैं, धूल के गुब्बारे और बड़े बड़े गड्डे इतने ज्यादा हो गये है कि रोड में गड्डा हैं या गड्डों में रोड हैं, इसलिए आम जनता अपनी सुविधा अनुसार एडका रोड बाय पास रोड का उपयोग करने लगे हैं, ज़ो क़ि वर्तमान समय में संजीवनी का काम कर रही हैं,सिंगल रोड होनें से बहुत ही मुश्किलों का सामना करना पड़ता हैं, पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था ठेकेदार और शासन प्रसाशन के द्वारा नहीं कि गई हैं, उस कारण इस रोड पर ही,यात्रा करने को यात्री गढ़ मजबूर हैं, बस संचालक भी पिछले 8 से 10 महीनों से अपनी गाड़ियों का लोन किस्त पटाना हैं, और जिला नारायणपुर कि जनता को भी कुछ राहत मिल सके करके नुकसान को सहते हुये भी बस का संचालन करने को हैं मजबूर, ताकि बस से जुड़े ड्राईवर और कंडक्टर और इनके परिवारजनों को आर्थिक और मानसिक पीड़ा को सहन न करना पड़े।
ठेकेदार के द्वारा रोड निर्माण कार्य करते समय पुल पुलिया निर्माण कार्य में भी भारी लापरवाही बरती गई हैं, पुलिया के निर्माण कार्य के समय में डायवार्यटेड रोड का निर्माण अच्छे डंग से नही किया गया हैं, सिर्फ साइड का मिट्टी को खोद कर खेत में डाल दिया गया हैं,न ही बोल्डर, मुरुम और न ही डामरीकरण किया गया हैं, न ही कार्य प्रगति पर हैं, करके बैनर पोस्टर लगवाया गया हैं।ठेकेदार के द्वारा अपनी गलतियों को छुपाने और धीमी गति से रोड निर्माण का कार्य किया जा रहा हैं। सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक कोई भी लोडिंग गाड़ियों को कोंडागांव जाने सेरोका जाता हैं, शाम 6 बजे के बाद ही लोडिंग गाड़ियों को नारायणपुर से कोंडागांव जाने के लिए छोड़ा जाता हैं, और रात को 8 से 9 बजे रावघाट अंजरेल माइंस और एन सी नाहर के लोडिंग टीप्परो को छोड़ने के कारण ही नाराज टिप्पर मालिकों के द्वारा आनन फानन में आज तेलसी मोड़ पर चक्कजाम करने को मजबूर होना पड़ा,क्योंकि जिला नारायणपुर के गाड़ी मालिक मजबूर हैं गाड़ियों को चलाने के लिए, क्योंकि उनका मासिक लोन किस्त पटाना रहता हैं, किस्त कि रकम कोई हजारों में नहीं अपितु लाखो में पटाना रहता हैं, उसके ऊपर गाड़ियों का मेंटेनस गाड़ी मालिकों का कहना हैं, क़ि न तो खदाने खुलती और न ही हम लोकल निवासियों को बड़े बड़े सपने दिखाकर हमको लालच दिया गया था,गाड़ी मालिक तो बना दिया हैं, बिना अनुभव के 70 से 80 लाख क़ि गाड़ियों को खरीद तो लिए पर अनुभव कि कमी और ख़राब रोड से परेशान हो गये हैं, न ही कमा पा रहे हैं, और न ही गाड़ियों का मेंटेनस कर पा रहे हैं, उससे अच्छा तो हमारा जिंदगी पहले ही ठीक था, बस गाड़ी मालिक ही कहला रहे हैं, वो भी लाखो के उधारी का।अनेक समस्याओ का पहाड़ टूट चूका हैं, इसलिए सब काम धाम छोड़कर रोड में बैठने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा हैं,
उक्त समस्या का समाधान करने शासन प्रसाशन के अधिकारियो को सामने आना पड़ा, समझाइस के बाद दोपहर 1 बजे से रोड का आवागमन को चालू करवाया गया, तथा बैठक करके इस समस्या का निपटारा करने का उचित सलाह दिया गया।
बस्तर संभाग हेड
अर्जुन देवांगन
9424287527